मौत के सवा दो साल बाद भांजे को मिला न्याय, मामा-मामी की करतूत जानकर हो जाएंगे हैरान
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पुलिस ने भी छानबीन के बाद मामले की जांच बंद कर दी थी, लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी। कोर्ट की लड़ाई के बाद युवक अर्पित (28) की मौत पर अब हत्या का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने आन की खातिर या प्रॉपर्टी के लिए युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है।
पुलिस के मुताबिक, भेलूपुर, वाराणसी निवासी अर्पित दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। दिल्ली में उसके मामा भारत भूषण और मामी शिवकुमारी परिवार के साथ रहते थे। 2013 से 2016 के बीच अर्पित मुंबई में रहकर नौकरी कर रहा था। उसके मामा की बेटी मुंबई गई, तो मामा भारत ने अर्पित से बेटी का ध्यान रखने के लिए कहा। अर्पित और उसकी मामा की लड़की एक साथ रहने लगे।
शरीर पर चोट के और निशान नहीं थे।
इधर, भारत को शक हुआ कि अर्पित उसकी बेटी के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है। इसी शक की वजह से भारत ने अपनी बेटी को वापस दिल्ली बुला लिया। इसके बाद भारत ने अपनी बेटी को अर्पित से मिलने नहीं दिया। इधर, 2016 में अर्पित भी दिल्ली आ गया। उसने यूपीएससी की पढ़ाई शुरू कर दी। इस बीच 17 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
इस दौरान मामा-मामी के अलग-अलग बयान आए। मामी ने छत से गिरने की बात की, तो मामा ने झिलमिल मेट्रो स्टेशन से गिरने की बात की। इस पर परिवार को शक हुआ। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि अर्पित के सिर में दो फ्रैक्चर थे। वहीं उसके शरीर पर चोट के और निशान नहीं थे।
पुलिस ने सामान्य जांच कर मामले को सुसाइड मानकर केस की जांच बंद कर दी। अर्पित के पिता चंद्रसेन सिंह ने हार नहीं मानी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सारे तथ्यों की जांच की और मामले में कई झोल पाकर पुलिस से हत्या का मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए।
परिवार का आरोप था कि बेटी से नजदीकियों का पता चलने के बाद उनके बेटे की हत्या कर दी थी। इसके अलावा अर्पित की मां पिता की प्रॉपर्टी में हिस्सा मांग रही थी। भारत इसका विरोध करता था। परिवार ने बेटे की मौत के पीछे इन वजहों को बताया। पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।