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लॉकडाउन के बाद भी सुनाई देगी चिड़ियों की चहचहाहट
Thu, 23 Apr 2020 06:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 23 Apr 2020 06:10 AM IST
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बदलाव के स्वर...
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में जहां वाहनों की तेज आवाज थम गई है तो चिड़ियों की चहचहाहट हर जगह सुनाई दे रही है। पक्षियों के शोर से लोगों को यह भी महसूस हो रहा है कि भोर हो गई है। जहां भी थोड़ी सी हरियाली है, वहां रंग-बिरंगी चिड़िया नजर आने लगी हैं। दरअसल, इस बार पक्षी दिल्ली में सबसे अधिक घोंसले बना रहे हैं।
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ध्वनि प्रदूषण कम होने से दिल्ली में चिड़िया खूब दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि प्रजनन के लिए उत्पन्न की जाने वाली ध्वनि से भी पक्षियों को रिझाना उनके लिए आसान हो गया है। इस वजह से पक्षी अपने घोंसले भी बना रहे हैं।
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वजीरपुर स्थित यमुना बायोडाईवर्सिटी पार्क में तो ब्लैक क्राउन नाइट हेरोन नाम की पक्षी ने 4000 से अधिक घोंसले बना लिए हैं। इसके लिए झाऊ और नर्सल का जंगल भी विकसित किया गया है, ताकि पक्षियों का निवास ज्यादा से ज्यादा हो सके। ब्लैक क्राउन के साथ ही कोयल, शिकरा, परपल सन बर्ड, कारमोरेंट पक्षी, तोता, मुनिया भी अपना-अपना आशियाना बना रही हैं।
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यमुना बॉयोडायवर्सिटी पार्क के इंचार्ज फैयाज खुदसर ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण की कमी ने चिड़ियों को स्वच्छंद वातावरण में घूमने के लिए ललचा दिया है। इसी तरह ध्वनि प्रदूषण कम होने पर प्रजनन (वोकलाइजेशन) के लिए चिड़िया जो नर व मादा पक्षी के लिए आवाज निकालती हैं, वह दूर-दूर तक सुनाई दे रही है और एक-दूसरे पर रीझने के लिए विवश कर रही है।
इस वजह से घोंसला बनाने की संभावना इस साल ज्यादा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि यमुना बायोडाइवर्सिटी पार्क समेत अन्य पार्कों में भी ज्यादा घोंसला देखने को मिल रहे हैं। लिहाजा, इस बार पक्षियों की संख्या ज्यादा होने की उम्मीद है। लॉकडाउन में लोग घर बैठे-बैठे प्रकृति को निहारने लगे हैं। उन्हें इसमें आनंद भी आ रहा है।