मानवीय चेहरा: घायल को पीठ पर बैठाकर ले गया पुलिसकर्मी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दयाबस्ती रेलवे स्टेशन के पास एक हवलदार ने मानवीय चेहरा दिखाकर दिल्ली पुलिस का सीना गर्व से फूला दिया। हवलदार की मदद
के चलते दर्द से कराह रहे व्यक्ति को समय से इलाज मिल गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार साद नगर, पालम में रहने वाला घनश्याम पुत्र राधेश्याम नौ जनवरी को दयाबस्ती रेलवे स्टेशन से ट्रेन में चढ़ा था। ट्रेन कुछ दूर चली कि चलती ट्रेन से किसी ने उसका मोबाइल छीन लिया।
वह बदमाश को पकड़ने के लिए ट्रेन से नीचे कूद गया। नीचे कूदने से उसका बायां पैर टूट गया और मौके पर पड़ा दर्द से कराहने लगा। घनश्याम ने 100 नंबर पर इसकी सूचना पुलिस को दी।
रेलवे ट्रेन से फ्लेटफार्म और फिर सीढ़ियों से उतारकर ले आया उसे
हालांकि ये इलाका रेलवे पुलिस का था। मगर 100 नंबर की कॉल इंद्रलोक पुलिस चौकी प्रभारी राजीव कुमार के पास गई। राजीव कुमार के निर्देश पर इमरजेंसी अफसर हवलदार राजकुमार चौहान तुरंत मौके पर पहुंचा।
हवलदार राजकुमार मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि घनश्याम दर्द से बुरी तरह कराह रहा है। रेलवे स्टेशन तक स्ट्रेचर की कोई व्यवस्था नहीं थी। घनश्याम से चला नहीं जा रहा था।
हवलदार राजकुमार ने घनश्याम को अपनी पीठ पर बैठाया और रेलवे ट्रेन से फ्लेटफार्म और फिर सीढ़ियों से उतारकर पीसीआर वैन तक पहुंचा। पीसीआर वैन ने घनश्याम को तुरंत अस्पताल तक पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों ने हवलदार राजकुमार को उचित इनाम देने की घोषणा की है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि अगर सभी पुलिसकर्मी इस तरह का मानवीय चेहरा दिखाए तो कितना अच्छा हो जाए।