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यमुना एक्सप्रेसवे पर कितनी देर में मिलेगी मदद, आएगा मेसेज
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:16 PM IST
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जिले में आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस का काम अधूरा
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना एक्सप्रेसवे पर अगर किसी के साथ हादसा होता है और वह कंट्रोल रूम को सूचना देता है तो उसे कितनी देर में बचाव टीम से मदद मिलेगी इसका मेसेज उसी नंबर पर आ जाएगा। अब तक यह सूचना नहीं मिल पाती थी।
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यमुना प्राधिकरण के एसीईओ अमरनाथ उपाध्याय के नेतृत्व में प्राधिकरण व जेपी कंपनी की टीम ने जीरो प्वाइंट से आगरा तक सफर करके मुआयना किया। इस दौरान देखा गया कि हादसों को कम करने के लिए प्राधिकरण से दिए गए सुझावों पर कितना काम हुआ है।
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एसीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर अगर किसी के साथ हादसा होता है तो वह जेपी कंपनी के टोल फ्री नंबर (18001027777) और क्रॉस रोड कंपनी के टोल फ्री नंबर (1800419099) पर कॉल कर मदद मांग सकता है। कंट्रोल रूम की तरफ से पीड़ित को मदद मिलने में कितना समय लगेगा इसका मेसेज भी आएगा। 10 से 15 मिनट में हर पीड़ित को मदद पहुंचाई जाएगी। ये नंबर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर क्रैश गार्ड पर लिख दिए गए हैं।
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एसीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर फॉग लाइट लगी दी गई हैं। जरूरत के हिसाब से साइनेज बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। अब तक 26 सीसीटीवी कैमरे और एक्टिव कर दिए गए हैं। सोलर पैनल भी चालू हैं। हर माह की पांच तारीख को वर्कशॉप कर वाहन चलाने की ट्रेनिंग की व्यवस्था कर दी गई है। कर्व स्टोन और रिफ्लेक्टिव टेप भी लगा दिए गए हैं, ताकि लोगों को दूर से ही आभास हो सके। एक्सप्रेसवे पर एटीएम लगाने के लिए आईडीबीआई बैंक से बातचीत हो गई है। एटीएम भी जल्द लग जाएंगे।
जांच तेज करने के निर्देश
ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। यमुना प्राधिकरण के सीईओ के फर्जी साइन से कमेटी बनाने के मामले में जांच तेज करने का निर्देश सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने दिए हैं। इस कमेटी के गठन से जुड़ी तीन फाइलें सीईओ ने मंगवाकर जांच अधिकारी को दी हैं। साथ ही, जांच की रफ्तार तेज करते हुए सभी दोषियों को सामने लाने को कहा है, ताकि कार्रवाई हो सके। बता दें, कि सीईओ के अवकाश के दौरान हस्ताक्षर को स्कैन कर फर्जी कमेटी बनाई गई थी, जिससे अपने हिसाब से संस्थागत भूखंडों का आवंटन हो सके। सीईओ ने इसकी जांच शुरू करा दी है।