फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   How a fat teacher will give yoga classes

तोंदिल मास्टर साहब कैसे सिखाएंगे बच्चों को योग

Thu, 28 May 2015 06:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, गुड़गांव
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, गुड़गांव Updated Thu, 28 May 2015 06:00 PM IST
विज्ञापन
How a fat teacher will give yoga classes
स्कूलों में बच्चों को योग की पाठशाला लगाने के लिए तैयारी की जा रही है, लेकिन तोंदिल मास्टर साहब बच्चों को योग कैसे सिखाएंगे? यह बड़ा सवाल योग विशेषज्ञों के सामने बना हुआ है। शारीरिक बनावट के चलते वे योग नहीं सीख पा रहे हैं और अब रिटायरमेंट के कगार पर बैठे मास्टर साहब को रुचि भी नहीं है।
विज्ञापन

 
हरियाणा सरकार द्वारा स्कूलों में योग सिखाना अनिवार्य किया गया है। स्कूल में योग सिखाने की जिम्मेवारी स्कूलों के पीटीआई और डीपी को दी है। पतंजलि योगपीठ की गुड़गांव शाखा की ओर से इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए तीन दिवसीय विशेष शिविर लगाया गया, लेकिन शिक्षक सीखने के बजाय इसे महज औपचारिकता के तौर पर ले रहे थे।
विज्ञापन


करीब चार साल पहले नियुक्त हुए नए मास्टर साहब तो किसी तरह कर रहे है, लेकिन नौकरी के आखिरी सालों में पहुंच चुके मास्टर साहब को योग से निरोग होने की परवाह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


योग की पाठशाला में जब शिक्षक सीख रहे थे तो ‘अमर उजाला’ की टीम ने वहां दौरा किया। वृक्षासन करने में आधे से अधिक शिक्षक नाकाम दिखे। झुक कर अंगूठा छूने में ज्यादातर शिक्षकों के घुटने मुड़ रहे थे। योग सीखने के बजाय कई शिक्षक बैठकर तमाशा देख रहे थे तो कुछ पेड़ से लगकर सो रहे थे।

जबकि बच्चों के लिए वृक्षासन सबसे महत्वपूर्ण है और इससे लंबाई बढ़ने में मदद मिलती है। 31 मई को रिटायर हो रहे गढ़ी हरसरू के एक पीटीआई ने बताया कि अब योग सीखने से क्या फायदा होगा? जब सिखाना चाहिए था, उस समय कुछ बताया ही नहीं।

शिक्षकों को योग सिखाने वाले रमेश ठाकुर कहते हैं केवल तीन दिन से कुछ नहीं होगा। लंबा अभ्यास करना होगा। तभी शरीर लचीला बन सकेगा। पतंजलि योग पीठ के हरिश भी मानते हैं कि शिक्षक अनफिट हैं।

नौकरी में लगने के बाद नहीं मिला प्रशिक्षण
शिक्षकों की मानें तो नौकरी में लगने के बाद आज तक उन्हें कोई प्रशिक्षण नहीं कराया गया। जिसकी वजह से धीरे-धीरे केवल वेे अपने कामों में रहे। सरकारी स्कूलों में खेल की माकूल व्यवस्था नहीं होने की वजह से भी डीपी व पीटीआई केवल व्यवस्था देखने में लगे रहते हैं।


ये कराए गए आसन
गर्दन मोड़ना, कटिचालन विधि, घुटनों की गतिविधि, ताड़ासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भेदासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशाकासन, वक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन, कपालभाति, नाड़ीशोधन आदि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed