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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Hospitals on alert following the onset of swine flu; beds reserved in isolation wards

Delhi NCR News: स्वाइन फ्लू की दस्तक से अस्पताल सतर्क, आइसोलेशन वार्ड में बेड रिजर्व

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 07:01 PM IST
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- डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी संक्रमण से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी संक्रमण से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। फिलहाल अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की भीड़ नहीं है। डॉक्टरों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

पूर्वी दिल्ली के डॉ. हेडगेवार अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए चार बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, जरूरी दवाओं के साथ टेमीफ्लू का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बुखार और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अभी तक अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
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जीटीबी में भी संदिग्ध मरीजों की जांच
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के अपर चिकित्सा अधीक्षक (प्रशासन) डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। फिलहाल यहां भी कोई स्वाइन फ्लू का मरीज भर्ती नहीं है, लेकिन संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। साथ ही बुखार, खांसी या फ्लू जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें।
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बुखार से लेकर बदन दर्द तक लक्षण
ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ आईएसएम के अध्यक्ष डॉ. आरपी पाराशर के अनुसार, स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ लोग आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

आयुर्वेदिक उपायों से लक्षणों में राहत
डॉ. पाराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में तुलसी, अदरक, लौंग, हल्दी, पिप्पली, गिलोय, दालचीनी और काली मिर्च जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे तैयार काढ़े या अन्य घरेलू उपाय कुछ लक्षणों में राहत देने में मदद कर सकते हैं।
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