उम्मीद: आम बजट में दिल्ली को चाहिए 16 हजार करोड़ रूपए
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दिल्ली को केंद्र सरकार से चाहिए 16 हजार करोड़ रुपये, ताकि दिल्ली के खजाने की सेहत सुधर सके। योजनाओं और वादों को अरविंद केजरीवाल की सरकार स्पीड दे सके।
केंद्रीय करों की हिस्सेदारी 14 साल से नहीं बढ़ी है। वहीं केंद्रीय सहायता भी 15 साल से नहीं बढ़ी है। केंद्रीय बिक्री कर की हिस्सेदारी बकाया है तो 14 वें वित्त आयोग के हिसाब से एमसीडी सुधार के लिए रकम बढ़े तभी एमसीडी कर्मचारियों की दशा सुधरेगी।
दिल्ली सरकार को केंद्रीय करों में 325 करोड़ रुपये की बजाय 5000 करोड़ रुपये केंद्रीय करों में भागीदारी के लिए चाहिए। जब दिल्ली का बजट 8793 करोड़ रुपये था, तब भी 325 करोड़ रुपये मिलते थे।
आगामी वित्त वर्ष में 1500 करोड़ रुपये दिल्ली चाहती है
अब बजट 41 हजार करोड़ रुपये का है। इसी तरह से 14वें वित्त आयोग के हिसाब से एमसीडी सुधार के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है। दिल्ली सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि केंद्रीय बजट में दिल्ली की हिस्सेदारी नहीं बढ़ी तो चौथे वित्त आयोग की सिफारिश एमसीडी के लिए लागू नहीं करेंगे।
सामान्य केंद्रीय सहायता राशि 2000-01 में दिल्ली के बजट का 11.8 फीसदी था, जो घटकर महज 2.07 फीसदी रह गया है। इसे चालू वित्त वर्ष में एक हजार करोड़ और आगामी वित्त वर्ष में 1500 करोड़ रुपये दिल्ली चाहती है।
जम्मू-कश्मीर शरणार्थियों की मुआवजा राशि और सिख दंगा पीड़ित को दी गई राशि चाहिए। इसके अलावा सीएनजी की खरीद पर केंद्रीय करों में छूट और 4 हजार करोड़ राहत पैकेज चाहिए।
दिल्ली की ये है चाहत
दिल्ली की आम आदमी पार्टी वाली सरकार राजस्व वसूली में पिछड़ रही है। राजस्व वसूली वृद्धि दर 30 फीसदी रखी गई थी, जबकि 15 फीसदी के वृद्धि दर को भी सरकार नहीं छू पाई है। ऐसे में बढ़ते गैर योजना मद का खर्च पूरा करना और वादों को पूरा करने लिए केंद्र सरकार से बड़ी राशि चाहिए।
-मेट्रो फेज-3 को खत्म करने और फेज-4 की शुरुआत की के लिए मेट्रो को चाहिए राशि
-गरीबों के लिए घर, सार्वजनिक परिवहन सुधार, एलिवेटेड सड़क के लिए चाहिए बड़ी राशि, वित्तीय संस्थान से लोन की अनुमति चाहती है दिल्ली।
- सरकारी अस्पतालों के लिएचिकित्सा यंत्रों की खरीद में कस्टम ड्यूटी व अन्य करों में छूट मिले तो सुधरेगी सेहत
-डीजल वाहनों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से दिल्ली में कम होंगे डीजल वाहन, वैट बढ़ाने से नहीं होगा समाधान।
-महिला सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा योजना के लिए बजट में हो प्रावधान
-दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए विशेष बजट की जरूरत
-बसों की खरीद में जेएनएनयूआरएम की तर्ज पर चाहिए सहायता स्कीम
-दिल्ली पुलिस के आधुनिकीकरण और नई भर्ती के लिए चाहिए बड़ी राशि।