फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Home to five thousand people in danger.

पांच हजार लोगों का आशियाना खतरे में

Mon, 29 Dec 2014 01:07 AM IST
अमर उजाला, इंदिरापुरम
अमर उजाला, इंदिरापुरम Updated Mon, 29 Dec 2014 01:07 AM IST
विज्ञापन
Home to five thousand people in danger.

न्यायखंड-3 में ईडब्ल्यूएस मकान तोड़े जाने पर यहां रह रहे अन्य लोगों को अपना आशियाना छिनने का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को रजिस्ट्री की मांग के लिए होने वाले अनशन को पुलिस ने रोक दिया।

विज्ञापन


गुस्साए लोगों ने रविवार को काला पत्थर पार्क में बैठक कर मकान तोड़े जाने की निंदा की। इसके साथ ही महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने अनशन की रणनीति तैयार की।
विज्ञापन


ईडब्ल्यूएस मकानों की रजिस्ट्री के साथ ही अन्य मांगों को लेकर रविवार को महानगर कांग्रेस कमेटी के साथ इलाके के आवंटी अनशन पर बैठने वाले थे। मगर पुलिस ने प्रशासन से इजाजत नहीं मिलने पर अनशन पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद कांग्रेस के पदाधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने गए। रविवार होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। अब ये लोग सोमवार को जीडीए से मुलाकात कर अनशन पर बैठने के लिए अनुमति लेंगे।

बैठक में महानगर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सलीम सैफी ने कहा की जीडीए की मनमानी के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। बैठक में सलीम सैफी, मानव रंजन बिरा, मोहन लाल, एमके मिश्रा, मनोज कुमार, किशोर ठाकुर, राजामोहन, शिवकुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।


5000 परिवारों पर खतरा
न्यायखंड में करीब 5000 फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। ऐसे में पिछले दिनों एक फ्लैट तोड़े जाने पर इलाके के अन्य लोग भी डर गए हैं।

लोगों का कहना है कि कल हमारे साथ भी ऐसा हो सकता है। इतनी सर्दी में जीडीए लोगों से मकान खाली करा रहा है, जो फ्लैट लोगों को रहने के लिए दिया जा रहा है, वह भी रहने लायक नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed