केजरीवाल पर आरोपों के बाद कपिल मिश्रा पर गिरी गाज, पार्टी की सदस्यता से निलंबित किया गया
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आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर घूस के आरोप लगाने के बाद पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। खास बात ये है कि कुछ घंटे पहले ही कपिल मिश्रा ने प्रेस कान्फ्रेंस कर खुद को पार्टी से बाहर निकालने की चुनौती दी थी।
वहीं इससे पहले कपिल मिश्रा के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि झूठ बोलने की भी हद होती है। मैं शुक्रवार, 5 मई को सीएम के घर पर मौजूद ही नहीं था और ये बात मैं कई बार साबित कर सकता हूं। उन्होंने आगे कहा कि कपिल मिश्रा का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वो आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। हमें सबूत के कागजात दिखाइए अगर ये सही है तो।
He has lost mental balance & making baseless allegations. Show us papers or proof if its true?: Satyendra Jain on Kapil Mishra's allegations pic.twitter.com/VEJeIqUCxU
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) May 8, 2017
इससे पूर्व कपिल मिश्रा की शिकायत पर एलजी ने आज केजरीवाल पर लगे आरोपों की जांच एसीबी को सौंप दी है जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि केजरीवाल पर जांच होगी। इसके साथ ही केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि सत्येंद्र जैन ने उन्हें खुद केजरीवाल के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने की बात बताई थी।
कपिल ने बताया कि जैन ने केजरीवाल के साढ़ू भाई सुरेंद्र कुमार बंसल के लिए छतरपुर में 50 करोड़ रुपये की लैंड डील करवाई। उनके मुताबिक, सत्येंद्र जैन ने बंसल परिवार के लिए पीडब्ल्यूडी के 10 करोड़ के फर्जी बिल भी सही साबित किए।
कपिल मिश्रा ने केजरीवाल को खुली चुनौती दी है कि वो सोमवार शाम 7 बजे एसीबी के पास जाने वाले हैं। केजरीवाल में अगर हिम्मत है, तो वे उन्हें आम आदमी पार्टी से निकालकर दिखाएं। वह आप कभी नहीं छोड़ेंगे और बीजेपी में नहीं जाएंगे। कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं केजरीवाल और उनके टटपुंजियों से डरने वाला नहीं हूं, डंके की चोट पर पार्टी में रहूंगा।
बता दें कि मंत्रीपद से बर्खास्त किए जाने के बाद कपिल मिश्रा ने रविवार को केजरीवाल पर 2 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप लगाया जिसके बाद सोमवार (8 मई) को आम आदमी पार्टी ने उनके आरोपों को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस कर कई सवाल कपिल से पूछे।
आप प्रवक्ता संजय सिंह ने इस प्रेस कांफ्रेंस में कपिल मिश्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कपिल के आरोपों के पीछे एक गहरी साजिश है। कपिल आज वही भाषा बोल रहे हैं जो महीनों से भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार बोल रही है।
संजय ने कुछ महीने पहले कपिल मिश्रा द्वारा दी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस वक्त तो कपिल ने कहा था कि एसीबी पर दबाव है और वो उन्हें वाटर टैंक मामले में फंसाना चाहती है। तो अब वही कपिल मिश्रा उसी एसीबी को टैंकर घोटाले के सबूत देने पहुंच गए।
संजय सिंह ने ये भी पूछा कि आखिर कपिल मिश्रा ये बात क्यों नहीं बता रहे हैं कि उन्हें रिश्वत लेते वक्त देखने के लिए किसने बुलाया, कितने बजे हुई ये घटना।
इसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस उन्हें नैतिकता का पाठ ना पढ़ाएं। केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे। जब उन्हें लगेगा तब वो इस मामले में बोलेंगे। मंत्रीपद से हटाए जाने की वजह कपिल मिश्रा बौखला गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को ये भी चुनौती दी कि हमारे 63-64 विधायक बचे हैं उन्हें भी उठाकर तिहाड़ में डाल दें जो करना है करें लेकिन हम डरने वाले नहीं है।
टैंकर घोटाला मामले में महत्वपूर्ण सबूत लेकर दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा सोमवार सुबह 11 बजे एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एसीबी को सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। एसीबी दफ्तर से निकलकर कपिल मिश्रा ने जानकारी दी कि उन्होंने इस मामले में केजरीवाल और उनके दो साथियों पर फाइल दबाने और इस मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए शिकायत की है। उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश हो रही है।
इसके साथ ही कपिल ने ये भी कहा कि वो एसीबी में सिर्फ टैंकर घोटाले की फाइल सौंपने आए थे लेकिन केजरीवाल पर जो उन्होंने आरोप लगाया है उसके लिए उन्होंने सीबीआई से टाइम मांगा है और आज दिन में कभी भी वो सीबीआई से मिल सकते हैं।
जनलोकपाल आंदोलन के गर्भ से पैदा हुई आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगा है। दिल्ली सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री व आप के संस्थापक सदस्य कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार बम फोड़ा है। जब कपिल एसीबी के दफ्तर जा रहे थे उस वक्त उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि मेरा, सत्येंद्र जैन और केजरीवाल तीनों का लाइ डिटेक्टर टेस्ट करा लिया जाए सारी बात साफ हो जाएगी। इससे पहले आज दिल्ली के उपराज्यपाल ने कपिल मिश्रा की शिकायत एसीबी को फॉर्वर्ड कर दी है।
I am going to ACB office on 11 am, in the morning: Kapil Mishra, sacked Delhi cabinet minister pic.twitter.com/NoS4rp5vPt
— ANI (@ANI_news) May 7, 2017
मिश्रा ने कहा कि सोमवार सुबह वह एक बार फिर एसीबी के दफ्तर में जाएंगे। वहां वह मामले की शिकायत करने के साथ गवाह बनने की बात करेंगे। कपिल मिश्रा ने दावा किया कि एसीबी को वह केजरीवाल के उन दो करीबियों का नाम भी बतायेंगे, जिनकी वजह से घोटाले की जांच रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
I am going to give two person's names to ACB in connection with tanker scam, Ashish Talwar and Vibhav Patel: Kapil Mishra pic.twitter.com/EF4FYrSplK
— ANI (@ANI_news) May 7, 2017
मंत्रिमंडल से हटाये जाने के दूसरे दिन रविवार दोपहर कपिल मिश्रा राजघाट पहुंचे। महात्मा गांधी को याद करने के बाद मीडिया से बात करते हुये कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले उनकी आंखों के सामने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को दो करोड़ रुपये कैश दिये।
मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इसके बारे में केजरीवाल से पूछा तो केजरीवाल ने जवाब देने से इनकार करते हुये नसीहत दी कि राजनीति में कुछ बातें होती हैं जो बताई नहीं जा सकतीं।
कपिल ने उठाए ये सवाल...
बकौल कपिल मिश्रा, बावजूद इसके मैंने सवाल किया कि पैसा कहां से आया, नगद पैसा क्यों था। साथ ही सलाह भी दी कि गलती किसी से भी हो सकती है, आप माफी मांगिए। मैंने कहा कि मामले की शिकायत एसीबी करनी चाहिये। मिश्रा ने कहा कि सुबह दोबारा से टैंकर घोटाले की शिकायत एसीबी से की। जिसके बाद मंत्री पद से हटा दिया गया। ऐसे में यह कहना गलत है कि मंत्री पद से हटाये जाने बाद वह मीडिया में आये। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक इसकी कोई औपचारिक सूचना सरकार से नहीं मिल सकी है।
कपिल मिश्रा यही नहीं रूके। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल के करीबी रिश्तेदार के जमीन सौदे के लिए 50 करोड़ रुपये की डील कराई थी। मिश्रा ने सत्येंद्र जैन के सभी विभागों को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया। साथ ही कहा कि उनके मंत्रालय की सभी फाइलों को सार्वजनिक करने से पता चल जायेगा कि किस तरह जैन ने घोटाला किया है।
कपिल मिश्रा ने पैसे के लेन-देन के समय और मौके पर उनकी मौजूदगी से जुड़े सवालों पर कहा कि इसकी जानकारी उन्होंने सुबह उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दे दी है। इसके अलावा दूसरी जांच एजेंसियों को भी जरूरत पड़ने पर सूचित करूंगा।
कपिल के आरोपों पर क्या बोले सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पानी की आपूर्ति बेहद खराब है। विधायकों को रोजाना गाली सुनने को मिल रही है। मिश्रा को उनके खराब प्रदर्शन के कारण हटाया गया। लेकिन मंत्री पद से हटने के बाद वह वेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। इस तरह के आरोपों पर कोई यकीन नहीं कर सकता।
कुमार विश्वास ने भी केजरीवाल का बचाव किया है। उन्होंने कहा, 'मैं केजरीवाल को पिछले 12 सालों से जानता हूं। मैं क्या, केजरीवाल का भयानक दुश्मन भी यकीन नहीं कर सकता कि वह भ्रष्ट हो सकते हैं।
केजरीवाल ने पहले भी कहा कि अगर वह भ्रष्टाचार करते हैं तो उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिये। अगर कपिल मिश्रा के पास कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिये। इस तरह का आरोप गलत है। जैन से कागजाद मांगे हैं। पीएसी की बैठक जब भी होगा, जाऊंगा। निजी आस्थाओं के साथ भ्रष्टाचार की लड़ाई नहीं लड़ूंगा।'
इन नेताओं ने भी किया केजरीवाल का सपोर्ट
केजरीवाल के बचाव में पार्टी के अन्य नेता भी उतर आए हैं। संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल की ईमानदारी पर उनका दुश्मन भी शक नहीं कर सकता। मंत्री पद जाने की बौखलाहट में कपिल मिश्रा का बयान ओछा और घटिया है।
सोमनाथ भारती ने कहा कि जितना मैं जानता हूं, अरविंद जी कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार से उनका गहरा बैर है। इनके पुराने साथी भी डंके की चोट पर यह बात करते हैं।
दिलीप पांडेय ने कहा कि राजनीति में अपने का सही अंदाजा होना बहुत जरूरी है। वरना दीर्घता के भ्रम में व्यक्ति आसमान से थूकने की गलती कर देता है। फिर इसका नतीजा बहुत खतनाकर होता है।
माकन ने मांगा केजरीवाल का इस्तीफा
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ 10 लाख लोगों से जनमत संग्रह का ऐलान किया है। माकन ने अरविंद केजरीवाल पर पूर्व पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा की तरफ से सत्येंद्र जैन के 2 करोड़ रुपये देने के आरोप पर सीबीआई और एसीबी को एफआईआर दर्ज कर जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा है कि एक पूर्व मंत्री मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है और गवाही देने को भी तैयार है तो नैतिकता बनती है कि जांच पूरी होने तक पद से केजरीवाल इस्तीफा दें।
अजय माकन ने कहा है कि मंगलवार से 10 लाख जनता के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के समर्थन में पांच दिन में कराएंगे। यूं भी ये वही पार्टी है जो राइट टू रिकॉल की बात करती है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार फैला है। 14 फरवरी, 2015 जिस पार्टी की सरकार बनी उसके 6 मंत्री पर भ्रष्टाचार, फर्जी डिग्री व सेक्स सीडी प्रकरण के आरोप लगे हैं। चार मंत्री हटाए जा चुके हैं।