केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका, गृह मंत्रालय ने राघव चड्ढा समेत 9 सलाहकारों को हटाया
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उपराज्यपाल अनिल बैजल व दिल्ली की चुनी हुई सरकार के बीच नये सिरे से टकराव शुरू हो गया है। उपराज्यपाल के अधीन काम करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के 9 सलाहकारों को हटा दिया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि सभी नियुक्तियां असंवैधानिक हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री व कैबिनेट के लिए इस तरह का कोई पद नहीं है। फिर, इन नियुक्तियों से पहले दिल्ली सरकार ने केंद्र की इजाजत भी नहीं ली थी, जबकि कानूनन दिल्ली सरकार को नये पद के सृजन से पहले केंद्र से सलाह लेनी होती है।वहीं, गृह मंत्री के मई 2015 के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि संवैधानिक रूप से दिल्ली में सर्विसेज आरक्षित विषय है।
विभागीय आदेश के मुताबिक, ऐसी हालत में दिल्ली कैबिनेट की तरफ से सृजित यह पद कानूनन सही नहीं हैं। इससे इन पदों के सृजन व नियुक्तियों के लिए निकाले गए सभी आदेश रद्द किए जा रहे हैं।
बता दें कि आप सरकार के गठन के बाद अलग-अलग विभागों के साथ सलाहकारों की नियुक्तियां की गईं थीं। इन्हें सरकार से बाकायदा वेतन व दूसरी सुविधाएं भी मिल रही थीं। सरकार की दलील थी कि विशेषज्ञों की नियुक्ति से काम करने में सहूलियत होगी। लेकिन अब सभी 9 नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया है।
हटाए गए दिल्ली सरकार के सलाहकार
राघव चड्ढा ( वित्त मंत्री के सलाहकार)
आतिशी मर्लेना (उपमुख्यमंत्री की सलाहकार)
अरुणोदय प्रकाश (उपमुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार)
अमरदीप तिवारी (कानून मंत्री के मीडिया सलाहकार)
रजत तिवारी (ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, उद्योग मंत्री के सलाहकार)
प्रशांत सक्सेना (ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, उद्योग मंत्री के परामर्शदाता)
समीर मल्होत्रा (ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, उद्योग मंत्री के परामर्शदाता)
दिनकर अदीब (गृह, ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी मंत्री के ओएसडी)
रामकुमार झा (जीएडी मंत्री के सलाहकार)