'नर पिशाच' की दया याचिका खारिज
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देश का सबसे सनसनीखेज निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की दया याचिका गृह मंत्रालय से भी खारिज कर दी गई है। नोएडा में हुई इस खौफनाक घटना के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने कोर्ट से मौत की सजा मिलने के बाद गृह मंत्रालय में दया याचिका दाखिल की थी।
बुधवार को मामले में गृह मंत्री 'नर पिशाच' के नाम से कुख्यात सुरेंद्र कोली समेत पांच अन्य मामलों के दोषियों की भी दया याचिका खारिज कर दी है।
इससे पहले निठारी हत्याकांड को अंजाम देने वाले निठारी हत्याकांड पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सुरेंद्र कोली किसी राक्षस से कम नहीं है, उसे सिवाय मौत के और कोई सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा था कि कोली का अपराध भयानक और वीभत्स था।
किया था 19 महिलाओं और बच्चों का शिकार
सुरेंद्र कोली पर 19 बच्चों की हत्या और बलात्कार का आरोप है। वह नोएडा स्थित एक घर में पीड़ितों को बुलाने के बाद उनका गला घोंट देता था और उनके शवों के साथ बलात्कार की कोशिश करता था। उसके बाद वह शवों को टुकड़े-टुकड़े कर उसके कुछ हिस्से को पका कर खा जाता था।
निठारी मर्डर केस के बारे में जस्टिस मारकंडेय काटजू और जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने कहा कि कोली द्वारा किया गया अपराध जघन्यतम मामलों की श्रेणी में आता है और वह मृत्युदंड से कम की सजा का हकदार नहीं है।
निठारी हत्याकांड के खुलासे से दिसम्बर 2009 में उस समय सनसनी फैल गई थी, जब नोएडा स्थित एक शख्स के बंगले के पीछे नाले में कुछ बच्चों और महिलाओं के शरीर के हिस्से बरामद हुए थे। इनके साथ एक बंगले में कथित रूप से बलात्कार किया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी।