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खोखले हाईवे पर रातभर दौड़ते रहे वाहन
राजीव शर्मा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 06 Jan 2015 01:19 AM IST
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हाईवे धंसने के बाद सड़क सरहद जैसी नजर आने लगी। दिल्ली और यूपी के कई शहरों को जोड़ने वाली यह सड़क दो हिस्सों में बंट गई।
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धंसे हुए 20 फीट चौड़े हिस्से को पार करने के लिए वाहन चालकों को कई किलोमीटर लंबा सफर करना पड़ा और लोगों को पैदल चलना पड़ा।
वर्किंग डे के मॉर्निंग आवर में एनएच 24 पर लगे जाम से ज्यादातर लोगों को आफिस और कालेज में देरी हुई तो कुछ लोगों को इंटरव्यू छूटने की चिंता रही।
कई लोग ऐसे थे, जिन्हें नोएडा की निजी कंपनी में इंटरव्यू के लिए सोमवार को बुलाया गया था, जाम में फंसे कई लोगों ने तो अपना डे-प्लान ही बदल दिया और वापस घर लौट गए।
कुलदीप की कॉल से टला हादसा
सुबह सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर पहुंची एक कॉल ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। हाईवे किनारे बुद्ध विहार कालोनी के 25 फुटा रोड निवासी कार ड्राइवर कुलदीप ने ही कॉल कर हाईवे धंसने की सूचना पुलिस को दी थी।
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कुलदीप के मुताबिक मिट्टी हटने के बाद सड़क रात से दरकनी ही शुरू हो गई थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और सूचना अधिकारियों को दी। आनन-फानन क्षतिग्रस्त एनएच-24 के दोनों ओर ट्रैफिक रोक दिया गया।
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कुलदीप ने बताया कि वह इंदिरापुरम में नौकरी करते हैं। मालिक ने सोमवार को जल्दी बुलाया था। इसलिए वह सात बजे हाईवे पर आटो का इंतजार कर रहा था। तभी एनएच 24 की धंसी सड़क नजर आई।
नीचे देखा तो सारी मिट्टी बह चुकी थी। वाहनों को खुद ही रुकवाने की कोशिश मगर जब किसी ने नहीं सुनी तो 100 नंबर से सूचना देकर नौकरी पर चला गया।
पानी चुराने को हजारों जिंदगियां लगाईं दांव पर
गंगाजल चुराने के लिए असामाजिक तत्वों ने हजारों लोगों की जान दांव पर लगा दी। चोरों ने न केवल पाइप लाइन के वॉल्व से छेड़छाड़ की बल्कि उसे खुला भी छोड़ दिया। वहीं, सरकारी विभागों की खामियां भी सामने आईं।
वॉल्व को खोलकर पानी चुराने की बात पहले भी सामने आई थी। लेकिन लाइन के आसपास अवैध झुग्गियां हटाने की बजाय जल निगम, पुलिस और नगर निगम एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। सोमवार को एनएच-24 धंसने के बाद जल निगम ही नहीं पुलिस भी एक्टिव हो गई।
जल निगम अफसरों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पाइप लाइन से छेड़छाड़ की शिकायत दी और पुलिस ने जांच के चक्कर में फंसाए बिना रिपोर्ट दर्ज भी कर ली।
हिंडन पुल के पास से गुजर रही ओपन गंगाजल लाइन के पास बड़ी संख्या में झुग्गियां और खोखे हैं। पीने के पानी की कोई दूसरी व्यवस्था न होने से यहां लोग लाइन से ही चोरी छिपे गंगाजल भरते हैं।
आसपास के लोगों ने बताया कि लोग अल सुबह और देर शाम वॉल्व को खोलकर पानी लेते हैं। जल निगम ने सितंबर 2014 से पुलिस से कार्रवाई करने के लिए शिकायत करनी शुरू कर दी थी।
गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने गाजियाबाद और नोएडा के एसएसपी को पत्र लिख पाइप लाइन को खतरा बताया था।
एसएसपी गाजियाबाद ने चीफ इंजीनियर नगर निगम को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटवाने के लिए पत्र लिख दिया। लेकिन फिर मामला टाय-टाय फिस्स हो गया, जिसका नतीजा सोमवार को बड़ी घटना रूप में नजर आया।
साढ़े छह घंटे नोएडा-टीएचए की आपूर्ति ठप
करीब सात बजे गंगाजल प्लांट बंद कर नोएडा और टीएचए की वाटर सप्लाई बंद कर दी गई। इससे दोनों क्षेत्रों में पेयजल संकट रहा।
गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि वॉल्व को ठीक कराकर दोपहर डेढ़ बजे नोएडा-टीएचए की आपूर्ति बहाल कराई गई।