होली पर सावधान: हाई अलर्ट पर दिल्ली के सभी अस्पताल, पिछले साल का है ये रिकॉर्ड; इन्हें करने से बचें
राजधानी दिल्ली में दो दिन बाद होली का त्योहार मनाया जाएगा। होली को देखते हुए दिल्ली के सभी अस्पतालों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। ज्यादातर लोग शराब के नशे के कारण दुर्घटना का शिकार होते हैं।
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होली के दिन होने वाली दुर्घटनाओं में घायल मरीज व दूसरे लोगों के इलाज के लिए दिल्ली के सभी अस्पताल हाई अलर्ट पर हैं। पिछले साल होली के दिन करीब 200 लोग घायल होकर एम्स ट्रामा सेंटर, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग, लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू, संजय गांधी, अंबेडकर, इंदिरा गांधी, बुराड़ी सहित अन्य अस्पतालों में पहुंचे थे।
डॉक्टरों की माने तो होली के दिन ज्यादातर लोग शराब पीकर या नशे में गाड़ियां चलाते हैं। ऐसे में अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें वाहन चलाने वाले के अलावा दूसरे लोग भी गंभीरता से घायल होते हैं। इसके अलावा सस्ती शराब पीकर भी लोग गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं। ऐसे मरीजों के लिए अस्पतालों में डिजास्टर वार्ड को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही स्टाफ को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
सभी अस्पतालों में जरूरत के आधार पर कुछ बिस्तर भी आरक्षित किए गए हैं। इन्हें जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है। लोकनायक अस्पताल में आपातकालीन विभाग की प्रमुख डा. ऋतु सक्सेना ने कहा कि पिछले साल होली के दिन 12-15 लोग सड़क दुर्घटना में घायल होकर आए थे। इनमें ज्यादातर लोग शराब के नशे में गाड़ी चला रहे हैं।
ऐसे लोगों के कारण दूसरे भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। उनका कहना है कि ऐसे मरीजों को देखते हुए आपातकालीन विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर रहेगा। जरूरत के आधार पर बेड भी आरक्षित रहेंगे। बॉक्स जा सकती है आंख होली के दिन पानी के गुब्बारे का इस्तेमाल ध्यान से करना चाहिए। होती के दिन कई संख्या में ऐसे लोग आते हैं जिन्हें गुब्बारे के कारण आंख में चोट लगी हो। जीटीबी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि पानी के गुब्बारे की मार से बचने के लिए बच्चों को सुरक्षित चश्मा पहनाएं।
घायलों के लिए होगी पूरी व्यवस्था
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा कि होली के दिन घायल होकर आने वाले मरीजों के लिए आपातकालीन विभाग में पूरी व्यवस्था रहेगी। जरूरत के आधार पर सुविधा को बढ़ाया भी जा सकेगा। वहीं अन्य डॉक्टर ने बताया कि आपात स्थिति को देखते हुए 12 बिस्तर की व्यवस्था की गई है। पूरे स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर देसी शराब व अन्य नशे से निपटने के लिए भी स्टाफ तैयार रहेगा। विशेष तौर पर हड्डी रोग विभाग, सर्जरी यूनिट भी इमरजेंसी में सक्रिय रहेंगे।
इन्हें करने से बचें
- शराब पीकर वाहन न चलाएं
- पानी वाले गुब्बारे आंखों पर न मारें
- रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचें
- होली खेलने से पहले त्वचा पर तेल का प्रयोग करें
- होली खेलने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहने
दूसरे वाहनों से भी बचें
डॉक्टरों की माने तो होली के दिन दूसरे वाहनों से घायल होकर भी काफी लोग अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें ऐसे मरीज शामिल हैं जो सड़क पर चल रहे हैं और उन्हें पीछे से दूसरी गाड़ी ने टक्कर मारा। इनमें कई बार मरीज की हालत काफी गंभीर होती है। ऐसे में डॉक्टरों का सुझाव है कि वह होली के दिन जरूरत न हों तो बाहर न निकले। यदि बाहर जाएं तो आगे-पीछे विशेष रूप से ध्यान रखें। शराब पीकर वाहन चलाने वाले दूसरों के लिए भी समस्या बन सकते हैं।