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कोविड-19 से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर को अपनानी होगी साझा रणनीति: अमित शाह
Thu, 18 Jun 2020 08:24 PM IST
Mohit Mudgal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 18 Jun 2020 08:24 PM IST
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गृह मंत्री अमित शाह ने एनसीआर में कोरोना वायरस को लेकर की बैठक
- फोटो : ANI
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के लिए संयुक्त रणनीति अपनाने पर बल दिया और कहा कि इस काम में गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे उपनगरों को दिल्ली से अलग नहीं किया जा सकता।
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दिल्ली और एनसीआर में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करने के लिए अधिकारियों के साथ की गई बैठक में शाह ने अपने विचार व्यक्त किए। गृह मंत्री ने ट्वीट किया कि दिल्ली-एनसीआर की संरचना को देखते हुए कोरोना वायरस महामारी के विरुद्ध सभी संबंधित विभागों को एक होकर एक रणनीति पर काम करना होगा। इस संदर्भ में आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और केंद्र व एनसीआर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात कर एक रणनीति विकसित करने पर चर्चा की।
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गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार शाह ने कहा कि दिल्ली और एनसीआर करीब से जुड़े हुए हैं इसलिए एनसीआर में सभी संबंधित अधिकारियों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि महामारी से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर के लिए गृह मंत्री ने संयुक्त रणनीति अपनाने पर बल दिया है।
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शाह ने कहा कि कोरोना की जांच की संख्या बढ़ाने और संक्रमितों का इलाज करने की जरूरत है। गृह मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि एनसीआर में आने वाले जिले, दिल्ली में कोरोना की जांच कराने के लिए 2400 रुपये मूल्य निर्धारित करने पर विचार कर सकते हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि अमित शाह ने बैठक में यह भी कहा कि एक विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली में कोरोना के मरीजों के लिए इलाज और बिस्तर की दर तय की है और इसे बातचीत के बाद एनसीआर में आने वाले जिलों में लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) द्वारा मान्यता प्राप्त त्वरित एंटीजन प्रक्रिया से जांच करना बेहतर होगा जिससे जांच करने की क्षमता में वृद्धि होगी और रोग का जल्दी पता चल सकेगा।