Delhi: 13 वर्षों से सुरक्षाबलों की पकड़ से बचता रहा हिजबुल आतंकी मट्टू, एक बार मुठभेड़ के बाद हो गया था भूमिगत
पिछले 13 वर्षों से वह सुरक्षा बलों की पकड़ से बचता रहा है। एक बार सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में घायल होने के बाद वह भूमिगत हो गया था और आईएसआई के निर्देश पर नेपाल भाग गया।
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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया हिजबुल का आतंकी जावेद मट्टू बारामूला के सोपोर का रहने वाला है। मट्टू उर्फ इरशाद अहमद मल्ला उर्फ एहसान ने कॉलेज में पढ़ाई छोड़ दी थी। यह उत्तरी कश्मीर, विशेषकर सोपोर, जम्मू-कश्मीर के इलाके में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के सात खूंखार आतंकवादियों के गिरोह का सरगना है। पिछले 13 वर्षों से वह सुरक्षा बलों की पकड़ से बचता रहा है। एक बार सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में घायल होने के बाद वह भूमिगत हो गया था और आईएसआई के निर्देश पर नेपाल भाग गया। इसके पैर में गोली लगी थी। इसके बाद इसने आतंकी वारदात कम कर दी थी।
जावेद के गिरोह में अब बस दो ही आतंकी बचे हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के सोपोर का निवासी अब्दुल माजिद जरगर उर्फ शाहीन वर्तमान में पाकिस्तान में है। ये वर्तमान में जावेद मट्टू सहित पाकिस्तान से अन्य हिजबुल मुजाहिदीन कैडरों को संभाल रहा है। जरगर पैसे और रसद का प्रबंधन भी करता है। ये सीमा पार से आईएसआई संचालकों से हथियार खरीदता है। इसके अलावा सोपोर, जम्मू-कश्मीर निवासी इम्तियाज कुंडू पाक प्रशिक्षित आतंकवादी है। ये 2015-16 में पाकिस्तान भाग गया और वर्तमान में शाहीन के साथ काम कर रहा है।
मट्टू के ये साथी बने सुरक्षा बलों का निशाना
- सोपोर निवासी अब्दुल कय्यूम नजर पाक प्रशिक्षित आतंकी था। वह सात लोगों के इस गिरोह का परिचालन प्रभारी था। सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारा जा चुका है।
- हंदवाड़ा का निवासी तारिक अहमद लोन पाक प्रशिक्षित आतंकवादी था। सुरक्षा बलों द्वारा घेर लिए जाने पर वह नदी में कूद गया था। इसकी डूबने से मौत हो गई।
- सोपोर निवासी मेहराज हलवाई पाक प्रशिक्षित आतंकी था। इसे सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया।
- जागीर, सोपोर, जम्मू-कश्मीर का निवासी वसीम गुरु सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
गोलीबारी होने के कारण पाक नहीं जा सका था जावेद
गिरफ्तार आतंकी जावेद अहमद मट्टू पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर शाहीन के इशारे पर जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदात कर रहा था। उसे हर आतंकी वारदात के बाद पाकिस्तान से मोटी रकम आती थी। उसके पास रकम हवाला के जरिए आती थी।
आतंकी जावेद मट्टू ने वर्ष 2021 में पाकिस्तान जाने की कोशिश की थी। मगर सीमा पर गोलीबारी होने के कारण ये पाकिस्तान नहीं जा पाया था। इसने जम्मू कश्मीर में सीमा से घुसने की कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है और पूछताछ कर रही है कि उसका दिल्ली आने का उद्देश्य क्या था। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये वेब एप्लीकेशन के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शाहीन के संपर्क में था। शाहीन ही इसे वारदात करने का आदेश देता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर आतंकी वारदात के बाद इसके पास हवाला के जरिए रकम आती थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसके पास पाकिस्तान से 15 से 20 लाख रुपये आ चुके हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इसे कई अन्य जगहों से भी पैसे आते थे। इसे खर्चे के लिए अलग व आतंकी वारदातों के लिए अलग पैसे आते थे।
पुलिस को आंशका है कि उसे पाकिस्तान से कुछ देशों के जरिए हवाला से पैसा आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आतंकी जावेद मट्टू ने कई बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी पर कई पुलिसकर्मियों व सुरक्षा जवानों की हत्या का आरोप है।