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पानी बना 'जहर': हिंडन नदी में भी प्रदूषण, यूपी के मुख्य सचिव व अन्य को NGT का नोटिस, मांगा जवाब

Mon, 09 Dec 2024 08:04 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 09 Dec 2024 08:04 AM IST
सार

एनजीटी ने हिंडन नदी में बढ़े प्रदूषण को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया है। सभी से जवाब भी मांगा है। इन सभी को सुनवाई से पहले अपना जवाब देना होगा।

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Hindon river pollution NGT issues notice to UP chief secretary and others
हिंडन नदी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिंडन नदी के प्रदूषण पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनजीटी ने मामले की 19 मार्च 2025 की सुनवाई से पहले संबंधित अधिकारियों को जवाब दाखिल करने को कहा है।

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हरित निकाय ने औद्योगिक अपशिष्टों के निर्वहन और पर्याप्त सीवेज उपचार सुविधाओं की कमी की वजह से नदी में हो रहे प्रदूषण पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने 27 नवंबर को दिए आदेश में कहा कि सहारनपुर में शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली और सात जिलों से होकर बहने वाली 400 किलोमीटर लंबी वर्षा आधारित नदी अपने किनारे के 1.9 करोड़ लोगों की आबादी का भरण-पोषण करती है, लेकिन नदी जहरीली हो गई है। 
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नदी में 357 उद्योगों से रोजाना 72,170 किलोलीटर से अधिक औद्योगिक अपशिष्ट और हर दिन 94.3 करोड़ लीटर घरेलू सीवेज घुलता है। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे की वजह से 22 करोड़ लीटर से अधिक पानी अनुपचारित रहता है। खबर का हवाला देते हुए एनजीटी की पीठ ने कहा कि प्रदूषण की गंभीरता नदी की लगातार खराब जल गुणवत्ता मीट्रिक में दिखाई देती है। 
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एनजीटी ने कहा कि यह मामला जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन की तरफ इशारा करता है। 

हरित निकाय ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिवादी बनाया है।

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