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हिंदी को आने वाले भविष्य में वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका के लिए तैयार रहना चाहिए : अशीष त्रिपाठी
Tue, 29 Sep 2020 02:53 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Sep 2020 02:53 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
साकेत के केंद्रीय विद्यालय की ओर से सोमवार को विश्व-वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेल्जियम स्थित गेंट विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक आशीष त्रिपाठी ने केंद्रीय विद्यालय पुष्प विहार के बच्चों, अभिभावकों व अध्यापकों से गूगल मीट के माध्यम बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिंदी को आने वाले भविष्य में वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका के लिए तैयार रहना चाहिए।
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एक सवाल के जवाब में अशीष ने कहा
मातृभाषा में ही विज्ञान पढ़ाया जाना चाहिए। इससे अधिक प्रतिभाएं सामने आएगीं। उन्होंने कहा कीवैश्विक परिदृश्य में हिंदी महत्वपूर्ण होती जा रही है,जिसमें प्रवासी भारतीयों की भूमिका भी है।
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विद्यालय की प्राचार्य धरित्री दास ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता का आधार बताया। उप-प्राचार्य महेश चंद मीणा ने अतिथि लेखक व वैज्ञानिक का आभार प्रकट किया।
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