हिमांशी मौत मामला: 100 दिन बाद सलाखों से बाहर आएंगे सांसद नरेंद्र कश्यप
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पुत्रवधू हिमांशी कश्यप की दहेज मृत्यु के केस में जेल में बंद सांसद नरेंद्र कश्यप 100 दिन बाद सलाखों से बाहर आएंगे। हाईकोर्ट से उनकी जमानत के कागज शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट गाजियाबाद पहुंच गए।
यहां उनके दो जमानतियों के एक-एक लाख के बेल बांड और एक लाख का पर्सनल बांड भरा गया है, जिनका वेरिफिकेशन हो रहा है। वेरिफिकेशन पूरा होने पर कोर्ट से डासना जेल परवाना भेजा जाएगा, जिसके बाद उन्हें जेल से छोड़ दिया जाएगा।
सांसद प्रतिनिधि पवन कश्यप ने बताया कि शुक्रवार को जमानतियों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो सका, जिस कारण शनिवार या सोमवार को सांसद जेल से बाहर आ पाएंगे।
पुत्रवधू का शव बाथरुम में मिला था
कारागार अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि शाम पांच बजे तक परवाना आने पर बंदी को उसी दिन छोड़ दिया जाता है, इसके बाद आने पर अगले दिन छोड़ा जाता है।
बता दें कि छह अप्रैल को संजयनगर में हिमांशी कश्यप का गोली लगा शव बाथरूम में मिला था। हिमांशी बदायूं के बसपा नेता हीरालाल कश्यप की बेटी थीं। उनकी शादी राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे डॉक्टर सागर कश्यप से दो साल पहले हुई थी।
इस मामले में कविनगर थाने में दहेज मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें सांसद सहित उनके परिवार के छह लोग नामजद हैं। नरेंद्र कश्यप, उनकी पत्नी और बेटे को सात अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को हाईकोर्ट ने नरेंद्र कश्यप को जमानत मंजूर कर ली थी।