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हिमाचल के मुख्यमंत्री के पांच करोड़ बीमा में निवेश कराने वाले एलआईसी एजेंट की सुनवाई टली

Fri, 03 Feb 2017 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Feb 2017 01:14 AM IST
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Himachal CM LIC agent who conducted the five-million investment in insurance defers hearing
himachal cm veerbhadra singh - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की चार्जशीट पर सुनवाई के लिये सीबीआई कोर्ट ने आठ फरवरी की तारीख तय की है। अदालत ने आरोपी बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत भी आठ फरवरी 2017 तक बढ़ा दी है। 

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प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। चौहान की जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। इस पर फैसला आने के बाद आरोपों पर बहस शुरू होगी।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने आनंद चौहान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर सुनवाई के लिये आठ फरवरी की तारीख तय की है। 
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ईडी ने मामले में आरोपी आनंद चौहान को चार्जशीट के साथ पेश सभी दस्तावेजों की कॉपी दे दी है। बचाव पक्ष ने दस्तावेज का निरीक्षण करने के लिये 20 जनवरी को अदालत से मोहलत मांगी थी। 

बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है। अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर सात सितंबर 2016 को संज्ञान लेते हुये कहा था कि उसे इस मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है।


एजेंसी ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया।



आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ 2011 में जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुये करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी घोषित आय से अधिक थी। सीबीआई भी वीरभद्र के खिलाफ जांच कर रही है। 

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