फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   highcourt said officers are not forced to give information which they don't have on the name of rti

हाईकोर्ट ने RTI पर की टिप्पणी, कहा- जानकारी जुटाने के लिए बाध्य नहीं अधिकारी

Mon, 29 Jan 2018 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 29 Jan 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
highcourt said officers are not forced to give information which they don't have on the name of rti
demo pic

सरकारी अधिकारी या विभाग के पास जो जानकारी नहीं है, वह जानकारी जुटाने के लिए उसे विवश नहीं किया जा सकता। सरकारी विभाग के लिए अनिवार्य नहीं है कि वह आरटीआई में देने के लिए सूचना मंगाए।

विज्ञापन


यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने एक निजी स्कूल के पूर्व कर्मचारी की याचिका का निपटारा करते हुए की है। जस्टिस विभू बाखरू ने अपने फैसले में कहा कि आरटीआई कानून के अंतर्गत सरकारी विभाग या अधिकारी केवल वही जानकारी देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, जो जानकारी उसके पास है।
विज्ञापन


किसी भी अधिकारी को मांगी गई जानकारी जुटाने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह फैसला मुख्य सूचना आयोग (सीआईसी) के फैसले को कायम रखते हुए दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में इन चीजों की हुई थी मांग

highcourt said officers are not forced to give information which they don't have on the name of rti
rti

आयोग ने एक निजी स्कूल के पूर्व कर्मी की याचिका पर दिल्ली सरकार को आगे की जानकारी देने का निर्देश देने से इंकार कर दिया था। पूर्व कर्मी ने निजी स्कूल में कर्मचारियों की सेवा की शर्तों व नियमों की जानकारी मांगी थी।

आयोग ने पूर्व कर्मचारी की याचिका का निबटारा करते हुए दिल्ली सरकार को उपलब्ध जानकारी याची को मुहैया कराने का निर्देश दिया था। यह वह जानकारी थी जो स्कूल ने दिल्ली स्कूल नियम 1973 के तहत सरकार को दे रखी थी।

हाईकोर्ट ने आयोग के 21 सितंबर 2017 के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि इस फैसले में कोई गलती नहीं है। दिल्ली सरकार तो निजी स्कूलों की पड़ताल कर सकती है, लेकिन आम जनता ऐसा नहीं कर सकती। हालांकि सरकार यह जानकारी मंगा सकती है, लेकिन यह जानकारी जुटाने के लिए वह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed