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दिल्ली हाईकोर्ट दिखा सख्त: अवैध निर्माण पर याचिकाओं से ब्लैकमेलिंग का खेल, डीसीपी को दिया ये निर्देश

Wed, 20 Aug 2025 08:39 AM IST
अनुज कुमार गौरव बाजपेई, अमर उजाला, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 20 Aug 2025 08:39 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण की याचिकाओं के जरिए ब्लैकमेलिंग पर सख्ती दिखाते हुए एक याचिका खारिज कर दी है। साथ ही दक्षिणी पूर्वी जिले के डीसीपी को ऐसी याचिकाओं की जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया और इसे रोकने पर जोर दिया।
 

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High Court took tough stand on blackmailing through petitions filed to declare construction works illegal
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में निर्माण कार्यों को अवैध ठहराने के लिए दाखिल याचिकाओं के जरिए ब्लैकमेलिंग पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसी ही एक याचिका को खारिज करते हुए दक्षिणी पूर्वी जिले के डीसीपी को जांच का निर्देश दिया है।

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याचिका में अमरोहा निवासी आलिम ने दिल्ली के ओखला इलाके की संपत्ति पर अवैध निर्माण की शिकायत की थी। अदालत ने डीसीपी को निर्देशित करते हुए कहा कि वह इस तरह की याचिकाओं की जांच करें, जहां एक ही संपत्ति पर अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा याचिकाएं दायर की जा रही हैं। कोर्ट ने कहा कि यह अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसे रोका जाना चाहिए।
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न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने अपने फैसले में कहा कि मुरादाबाद के अमरोहा में रहने वाले याचिकाकर्ता आलिम का दिल्ली या संबंधित संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। याचिका में जोगा बाई एक्सटेंशन, जामिया नगर ओखला स्थित संपत्ति पर अवैध निर्माण को रोकने और ध्वस्त करने की मांग की गई थी। लेकिन कोर्ट ने पाया कि इस संपत्ति पर तीसरी ऐसी याचिका है। 
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इससे पहले फातिमा बी और अफसाना ने भी इसी संपत्ति के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन उन्हें कभी अदालत में सूचीबद्ध नहीं कराया गया। कोर्ट ने नोट किया कि याचिकाकर्ता के हलफनामे में दिल्ली में होने का कोई प्रमाण नहीं है। संपत्ति के मालिकों के वकील ने दावा किया कि ये याचिकाएं निर्माण करने वालों से पैसे ऐंठने के लिए दायर की जा रही हैं।


एमसीडी ने की है संबंधित संपत्ति पर कार्रवाई : म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) के वकील ने बताया कि संपत्ति पर अवैध निर्माण के खिलाफ 20 मई 2025 को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था, 13 जून 2025 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित हुआ और 10 जुलाई 2025 को आंशिक ध्वस्तीकरण किया गया। आगे की कार्रवाई 4 सितंबर 2025 को निर्धारित है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भी पुष्टि की है कि एमसीडी की कार्रवाई वेबसाइट पर अपलोड की गई है।

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