नोएडा अथॉरिटी के कर्मचारियों के चयन पर रोक
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हाईकोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने कहा है कि यदि अथॉरिटी चयन प्रक्रिया जारी रखती है तो उसका परिणाम घोषित न करे। याचिका में 12 मई 2015 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई है।
विकास कुमार सहित 108 लोगों द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति वीके बिरला सुनवाई कर रहे हैं। याची के वकील महेश शर्मा के अनुसार नोएडा अथॉरिटी ने द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सीधी भर्ती हेतु 2291 पदों की शासन से स्वीकृति मांगी थी।
याचिका पर 6 जुलाई को सुनवाई का निर्देश
अनुमति मिलने के बाद 12 मई को 254 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। याचीगण नोएडा अथॉरिटी में वर्ष 1988 या उसके बाद से काम कर रहे हैं।
उनको विनियमित किए बिना पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है, जबकि शासन ने 17 फरवरी 2011 को ही नोएडा अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि याचीगण के विनियमितिकरण पर विचार करे।
याचिका में मांग की गई है कि याचीगण को विनियमित करने के बाद ही सीधी भर्ती की जाए। कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को जवाब दाखिल करने की मोहलत देते हुए याचिका पर छह जुलाई को सुनवाई का निर्देश दिया है।
इस दौरान यदि कोई चयन किया जाता है तो उसका परिणाम घोषित नहीं किया जा सकेगा।