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हाइकोर्ट ने की इनकी तारीफ, दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

Wed, 26 Aug 2015 03:53 AM IST
Updated Wed, 26 Aug 2015 03:53 AM IST
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High Court to praise her, and angry on Delhi government

तिलक नगर इलाके में कॉलेज छात्रा से छेड़छाड़ के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा कि सड़कों पर अपने साथ खुलेआम हो रही बदसलूकी का विरोध करना वाकई छात्रा द्वारा उठाया गया काबिले तारीफ कदम है।

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अदालत ने महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ते यौन अपराध पर चिंता जताते हुए कहा कि यह घटना केंद्र और दिल्ली सरकार के राजधानी में महिला सुरक्षा पर किए गए दावों की भी कलई खोलती है।
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न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर और न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता की खंडपीठ ने यौन अपराधों व उसमें प्रदान सजा के संबंध में आम लोगों को जागरूक करने के मामले की सुनवाई के दौरान शनिवार को तिलक नगर इलाके में डीयू की छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ मामले में छात्रा की जमकर पीठ थपथपाई।

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जागरूकता की ओर नहीं है दिल्ली सरकार का ध्यान

High Court to praise her, and angry on Delhi government

अदालत ने कहा कि पिछले कई वर्ष से वे इस मुद्दे पर आदेश-दिशा निर्देश दे रहे हैं, लेकिन केंद्र व दिल्ली सरकार ने अभी तक महिला सुरक्षा के मसले पर कोई डॉक्यूमेंट्री या लघु फिल्म बनाकर पेश नहीं की।


यही नहीं, अपराधों के प्रति जागरूकता की और कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया। खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि हम उम्मीद जताते हैं कि दोनों सरकारें इस विषय पर गंभीरता से काम करेंगी।

अदालत ने कहा कि यह शर्म की बात है कि कई आदेश के बावजूद लोगों को यौन शोषण के अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए हैंड बिल के जरिये पूरी जानकारी नहीं दी जा रही।

वो परेशान करते रहे, हम काम करते रहे से नहीं चलेगा काम

High Court to praise her, and angry on Delhi government

खंडपीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह ‘वो परेशान करते रहे, हम काम करते रहे’ जैसे विज्ञापनों के बजाय महिलाओं की सुरक्षा, उनके साथ हो रहे शारीरिक शोषण के मसले पर टीवी, रेडियो और समाचार पत्रों में विज्ञापन क्यों नहीं देती है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील संजय पोद्दार ने बताया कि जल्द ही महिला सुरक्षा को लेकर सात वीडियो जारी किए जाएंगे। वहीं कई जिंगल भी बनाए गए हैं जो जल्द ही रेडियो पर सुनने को मिलेंगे।

उक्त जिंगल को अदालत में भी सुनाया गया।

ये था मामला जिसपर हो रही ती सुनवाई

High Court to praise her, and angry on Delhi government

अदालत में अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी व्यक्ति ने अपील दायर की थी। अदालत ने अपील को तो खारिज कर दी थी, लेकिन महिला सुरक्षा के मामले में संज्ञान लेते हुए सुनवाई जारी रखी थी।

सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दिल्ली सरकार की हेल्पलाइन नंबर 181 काम ही नहीं करती। अदालत ने वकीलों को तुरंत नंबर मिलाने को कहा।

वकीलों ने नंबर मिलाया तो दो बार लाइन व्यस्त मिली। तीसरी बार फोन लगा और आवाज आई मैं आपकी क्या सहायता कर सकती हूं। आप फोन पर क्या शिकायत करना चाहते हैं। आखिर अदालत ने माना कि पांच मिनट में बात हो गई।

अदालत ने दिल्ली सरकार से उसके पूर्व में दिए निर्देशों का पालन न करने पर दो लाख रुपये हर्जाने के रूप में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने के निर्देश दिए। अदालत ने हाल ही में यह जुर्माना लगाया था। अदालत ने सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया कि जुर्माने की राशि माफ की जाए और यह राशि महिला सुरक्षा मुद्दे पर ही खर्च होगी।

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