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सम्मान की खातिर बेटी के हत्यारे को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Oct 2014 03:49 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दूसरी जाति के युवक से प्रेम करने वाली बेटी की हत्या करने वाले दोषी पिता की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।
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अदालत ने कहा कि सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि मामला सम्मान की खातिर हत्या का है। ऐसे मामले में दोषियों को कड़ी सजा देना जरूरी है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और मुक्ता गुप्ता ने अपने फैसले में कहा कि यह पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है, फिर भी स्पष्ट है कि याची ओंकार ने ही अपनी बेटी की हत्या की।
अदालत ने दोषी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि बेटी के प्रेमी ने संबंध बनाने के बाद विवाह से इंकार कर दिया, जिससे बेटी ने आत्महत्या कर ली।
अदालत ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट है कि उसकी मौत दम घुटने से हुई थी और मरने से पहले उसके द्वारा संघर्ष के भी निशान मिले हैं। ऐसे में नहीं माना जा सकता कि दोषी की बेटी ने आत्महत्या की है।
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अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है घटना से दो दिन पूर्व वह अपनी बेटी को प्रेमी के घर से यह कह कर लाया था कि दोनों का विवाह करवा देगा। ऐेसे में स्पष्ट है उसी ने बेटी की हत्या की है। इसलिए वे उसकी अपील खारिज करते हैं।
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