फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court strict on drainage cleaning in delhi

नाले की सफाई पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- अधिकाररियों को जेल में डाल दिया जाए, तभी आप खुश होंगे

Tue, 11 Dec 2018 10:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Dec 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
High Court strict on drainage cleaning in delhi
delhi HC

कुषक नाले की सफाई को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय एजेंसियां मिलकर नाले की सफाई की योजना तैयार करें और मिलकर इसका निरीक्षण करें। साउथ एक्सटेंशन-1 स्थित कुषक नाले को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए लोक निर्माण विभाग, साउथ दिल्ली नगर निगम और दिल्ली जल बोर्ड को आदेश दिए हैं। साथ ही पीठ ने कहा कि क्या कोर्ट की आदेश की अवमानना को आधार मानकर आपको (अधिकारियों) को जेल में डाल दिया जाए, तभी आप खुश होंगे।   

विज्ञापन


आप सभी जनता के सेवक 
मुख्य न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग, साउथ दिल्ली नगर निगम और दिल्ली जल बोर्ड बताएं कि नाले में क्या कार्य करने की जरूरत है, और किसके द्वारा नाले की सफाई होगी और सफाई कब तक पूरी होगी।
विज्ञापन


इस संबंध में पीठ ने एजेंसियों द्वारा स्थिति रिपोर्ट दायर करने के लिए निर्देश हैं। पीठ ने कहा कि आप सभी जनता के सेवक हैं और इस मुद्दे को लेकर सभी एजेंसियों को साथ में बैठकर परेशानी का समाधान निकालना चाहिए न कि एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने चाहिए। यही वजह है कि सभी एजेंसियां आज कोर्ट में खड़ी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नाले की सफाई न करना आदेश की अवमानना

पीठ के समक्ष सुनवाई के बीच साउथ दिल्ली नगर निगम ने दलील दी थी कि कुषक नाला बारापुल्ला फ्लाईओवर के नीचे से निकलता है, इसलिए लोक निर्माण विभाग को इसकी सफाई करनी चाहिए। इस दलील के बाद पीठ ने सभी एजेंसियों के प्रति सख्ती बरती। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि मामले में लगातार सुनवाइयों के बावजूद नाले की सफाई न करना कोर्ट के आदेश की अवमानना है।

पीठ ने एजेंसियों से पूछा कि अगर कोर्ट की अवमानना को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया जाए तो क्या आप खुश होंगे। इस मामले में पीठ ने पहला आदेश 25 मई 2016, दूसरा आदेश 27 अक्तूबर 2017 और तीसरा आदेश 22 नवंबर 2018 को दिया गया। बरसात के मौसम में जलभराव को लेकर दायर इस जनहित याचिका पर अगस्त 2012 से सुनवाई चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed