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Delhi: हाईकोर्ट ने शिक्षकों के बकाया वेतन पर निजी स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण, 17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
Wed, 16 Jul 2025 04:42 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 16 Jul 2025 04:42 AM IST
सार
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रेणु भटनागर की पीठ ने डीएवी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, एएसएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट मार्गरेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल और अन्य सहित विभिन्न निजी संस्थानों के शिक्षकों की तरफ से दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने राजधानी के कई निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि छठे और सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) की सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति का विवरण देते हुए हलफनामा दायर करें। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रेणु भटनागर की पीठ ने डीएवी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, एएसएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट मार्गरेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल और अन्य सहित विभिन्न निजी संस्थानों के शिक्षकों की तरफ से दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
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अपील में एकल न्यायाधीश के पूर्व के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें संशोधित सीपीसी-स्केल वेतन के लिए शिक्षकों के अधिकार को मान्यता देते हुए। यह जांचने के लिए एक समिति भी नियुक्त की गई थी कि क्या स्कूलों के पास ऐसे वेतन वितरित करने के लिए पर्याप्त धनराशि है। कर्मचारियों की पात्रता और नियुक्तियों का आकलन करने के लिए भी। शिक्षकों की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि ऐसी समिति की नियुक्ति मूल रिट याचिकाओं के दायरे से बाहर है। शिक्षकों ने मुख्य रूप से छठे और सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन भुगतान लागू करने की मांग को लेकर अदालत का रुख किया था, न कि अपनी सेवा संबंधी योग्यता या स्कूल की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की मांग को लेकर।
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स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने दलील दी कि नियामक अधिकारियों ने फीस वृद्धि की अनुमति नहीं दी है, जिससे उनके पास सीपीसी वेतनमान को पूरी तरह से लागू करने के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है। कुछ स्कूलों ने दावा किया कि उन्होंने विभिन्न तिथियों से संशोधित वेतन आयोग को पहले ही अपना लिया है और आंशिक बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया है।
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