एक बार फिर HC ने केजरीवाल सरकार को प्रदूषण को लेकर लगाई फटकार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार से कहा है कि यदि वायु गुणवत्ता का स्तर इमरजेंसी लेवल पर पहुंचे तो स्कूल तत्काल बंद किए जाएं ताकि बच्चे प्रदूषित हवा में सांस लेकर बीमार न हों।
प्रधान पीठ ने दिल्ली सरकार को स्कूलों में एयर प्यूरीफायर नहीं लगाने के लिए भी कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह कार्ययोजना में इन बिंदुओं को शामिल करे।
दिल्ली सरकार ने कहा कि ठंड सीजन में ज्यादातर दिन हवा की गुणवत्ता खराब होती है ऐसे में स्कूलों को बंद किया गया तो न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा बल्कि उनकी परीक्षा और अन्य तय कार्यक्रम में वे काफी पिछड़ जाएंगे।
जब हवा की गुणवत्ता आपात स्तर पर पहुंचे तो स्कूल बंद हों
इसके बाद पीठ ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि खतरनाक पर्टिकुलेट मैटर का स्तर 900 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को पार कर जाता है और स्कूल नहीं बंद होते। स्कूलों से कहिए जब हवा की गुणवत्ता आपात स्तर पर पहुंचे तो स्कूल बंद हों।
यदि ज्यादा जरूरी हो तो इसकी भरपाई शनिवार और रविवार को स्कूल खोल कर की जाए। बीते 12 वर्षों में दिल्ली सरकार ने एक भी ठोस कदम वायु गुणवत्ता के लिए नहीं उठाया है। आज बच्चों में जिस तरह की बीमारियां हो रही हैं 20 वर्ष की अवस्था में सोचिए क्या होगा।
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने एनजीटी में अपनी कार्ययोजना भी सौंपी, जिसमें वायु गुणवत्ता स्तरों के हिसाब से उठाए जाने वाले कदमों की सूची है। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के एक्शन प्लान को देखने के बाद पीठ ने कहा कि वे इस पर विस्तृत आदेश देंगे।