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हाईकोर्ट ने कहा, हुक्का पीने पर छात्र को स्कूल आने से नहीं रोक सकता स्कूल
Tue, 03 Dec 2019 04:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 03 Dec 2019 04:17 AM IST
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delhi high court
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हाईकोर्ट ने हुक्का पीने की वजह से कक्षा में छात्र के प्रवेश पर प्रतिबंध के मामले में कालका पब्लिक स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही स्कूल को आदेश दिया है कि छात्र को कक्षा में आने से न रोके। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 दिसंबर की तारीख तय की है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने सोमवार को छात्र की ओर से दायर याचिका पर कहा कि हुक्का पीने की वजह से छात्र को स्कूल में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता। ऐसा करने से छात्र की पढ़ाई और उसके भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
इस संबंध में अदालत ने अलकनंका स्थित कालका पब्लिक स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। छात्र की यह याचिका अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने दायर की और उसे स्कूल में प्रवेश पर रोक लगाने से छात्र की पढ़ाई के नुकसान के बारे में अदालत को बताया।
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याची के अधिवक्ता ने कहा कि याची कालका पब्लिक स्कूल में नवीं कक्षा का छात्र है।उन्होंने कहा कि छात्र इस स्कूल में नर्सरी कक्षा से ही पढ़ रहा है। जिस वीडियो के आधार पर उसे कक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा है वह न तो स्कूल परिसर के अंदर का है और न ही उस वक्त छात्र ने स्कूल की ड्रेस ही पहनी थी। यह वीडियो कुछ दिन पहले छात्र के एक दोस्त की बर्थडे पार्टी का है।
इसमें छात्र दोस्तों के साथ हुक्का पीते दिखाई दे रहा है। स्कूल ने छात्र को नौ अक्तूबर को स्कूल में प्रवेश करने से रोक दिया था और उसके बाद छात्र के परिजनों ने छात्र की इस गलती के लिए स्कूल प्रबंधन से माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद स्कूल ने छात्र को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया था। इस मुद्दे को लेकर छात्र पक्ष ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
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न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने सोमवार को छात्र की ओर से दायर याचिका पर कहा कि हुक्का पीने की वजह से छात्र को स्कूल में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता। ऐसा करने से छात्र की पढ़ाई और उसके भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
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इस संबंध में अदालत ने अलकनंका स्थित कालका पब्लिक स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। छात्र की यह याचिका अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने दायर की और उसे स्कूल में प्रवेश पर रोक लगाने से छात्र की पढ़ाई के नुकसान के बारे में अदालत को बताया।
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याची के अधिवक्ता ने कहा कि याची कालका पब्लिक स्कूल में नवीं कक्षा का छात्र है।उन्होंने कहा कि छात्र इस स्कूल में नर्सरी कक्षा से ही पढ़ रहा है। जिस वीडियो के आधार पर उसे कक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा है वह न तो स्कूल परिसर के अंदर का है और न ही उस वक्त छात्र ने स्कूल की ड्रेस ही पहनी थी। यह वीडियो कुछ दिन पहले छात्र के एक दोस्त की बर्थडे पार्टी का है।
इसमें छात्र दोस्तों के साथ हुक्का पीते दिखाई दे रहा है। स्कूल ने छात्र को नौ अक्तूबर को स्कूल में प्रवेश करने से रोक दिया था और उसके बाद छात्र के परिजनों ने छात्र की इस गलती के लिए स्कूल प्रबंधन से माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद स्कूल ने छात्र को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया था। इस मुद्दे को लेकर छात्र पक्ष ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।