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जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द, हाईकोर्ट ने कहा 100 करोड़ जमा करो फिर होगी सुनवाई
Fri, 06 Mar 2020 04:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Mar 2020 04:20 AM IST
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- फोटो : Social Media
जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द करने के यीडा के फैसले के विरोध में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि पहले 25 मार्च तक 100 करोड़ रुपये जमा करें। इस अवधि के बीतने पर पैसा न जमा होने पर यीडा आगे की कार्रवाई कर सकता है। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश पर जेपी समूह ने 10 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।
जेपी स्पोर्ट्स सिटी पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने पर यमुना प्राधिकरण ने कंपनी की एक हजार हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट व क्रिकेट स्टेडियम समेत कई योजनाएं है।
आवंटन रद्द करने के बाद प्राधिकरण ने सर्किट को सील कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद जेपी समूह हाईकोर्ट चला गया। 25 फरवरी को फैसले में अदालत ने जेपी समूह को 100 करोड़ रुपये दो किस्तों में जमा करने के आदेश दिए थे।
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अदालत ने कहा है कि 10 मार्च तक 50 करोड़ और 25 मार्च तक 50 करोड़ और जमा करने होंगे। अगर किस्त डिफॉल्ट होती है तो यमुना प्राधिकरण करवाई के लिए स्वतंत्र होगा। अब जेपी समूह ने 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
जेपी समूह ने 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने 10 मार्च तक 50 करोड़ जमा करने को कहा है। अगर जेपी समूह पैसा जमा नहीं कर पाता है तो प्राधिकरण को कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया है।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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जेपी स्पोर्ट्स सिटी पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने पर यमुना प्राधिकरण ने कंपनी की एक हजार हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट व क्रिकेट स्टेडियम समेत कई योजनाएं है।
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आवंटन रद्द करने के बाद प्राधिकरण ने सर्किट को सील कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद जेपी समूह हाईकोर्ट चला गया। 25 फरवरी को फैसले में अदालत ने जेपी समूह को 100 करोड़ रुपये दो किस्तों में जमा करने के आदेश दिए थे।
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अदालत ने कहा है कि 10 मार्च तक 50 करोड़ और 25 मार्च तक 50 करोड़ और जमा करने होंगे। अगर किस्त डिफॉल्ट होती है तो यमुना प्राधिकरण करवाई के लिए स्वतंत्र होगा। अब जेपी समूह ने 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
जेपी समूह ने 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने 10 मार्च तक 50 करोड़ जमा करने को कहा है। अगर जेपी समूह पैसा जमा नहीं कर पाता है तो प्राधिकरण को कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया है।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण