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हाईकोर्ट ने केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस वे पर बुनियादी सुविधाएं देने के मुद्दे पर सरकार से मांगा जवाब 

Thu, 25 Apr 2019 06:34 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 25 Apr 2019 06:34 AM IST
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High Court responds to government on the issue of providing basic amenities on KMP-KGP expressway
KMP Expressway - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट ने पूर्वी व पश्चिमी पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर शौचालय, पेट्रोल पंप, एंबुलेंस व दूसरी आपात बुनियादी सुविधाओं की मांग करने वाली याचिका पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कोरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 

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मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति एजे भंभानी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमित साहनी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख तय की है। पेश याचिका में कहा गया है कि पूर्वी पेरीफेरल एक्सप्रेस वे (कुंडली, गाजियाबाद, पलवल-केजीपी) का उद्घाटन पीएम मोदी ने नवंबर 2018 में किया था। यहां पर कुछ बुनियादी सुविधाएं दी गई है लेकिन दो साल पहले शुरु हुए पश्चिमी पेरीफेरल एक्सप्रेस वे (कुंडली, मानेसर, पलवल-केएमपी) पर इन बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस एक्सप्रेस वे पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। 
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याची ने इन दोनों पर पेट्रोल पंप, शौचालय, एंबुलेंस व आपात सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश सरकार को देने की मांग की गई है। दिल्ली से जुडने वाली अन्य हाइवे पर सरकार ने यह सुविधा प्रदान कर रखी है। 
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याची का कहना है कि उसने इस बाबत एक प्रार्थना एक अप्रैल को एनएचएआई को दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केएमपी एक्सप्रेस वे छह लेन वाला 135.6 किलोमीटर लंबा है। केएमपी व केजीपी का निर्माण दिल्ली आने वाले 50 हजार भारी वाहनों को बाहर से गुजारने की योजना पर किया गया था ताकि राजधानी में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सके। इन दोनों पर दिसंबर 2018 से कारों से 1.35 रुपये, हल्के वाहनों से 2.18 रुपये तथा ट्रक व बसों से 4.98 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टोल वसूला जा रहा है। इसके बाद भी बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं की गई है।

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