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हाईकोर्ट की दिल्ली पुलिस को फटकार: मानवरहित बैरिकेड पर कहा- सड़कें यातायात के लिए हैं ऐसे बंद रखने के लिए नहीं
Tue, 23 Aug 2022 04:40 PM IST
अनुराग सक्सेना
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 23 Aug 2022 04:40 PM IST
सार
हाईकोर्ट एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का स्वतः संज्ञान लिया था। वह पत्र बाद में दिल्ली हाईकोर्ट को भेज दिया गया था जिससे वह दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में विभिन्न सड़कों पर लगे मानवरहित बेरिकेड्स के खिलाफ कार्रवाई कर सके।
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दिल्ली पुलिस की बेरिकेडिंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर मानवरहित बैरिकेड्स होने के मामले पर मंगलवार को दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि इनसे सड़कें बाधित होती हैं और सड़कों पर जाम लगता है। हाईकोर्ट ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पेश होने का निर्देश दिया।
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एक मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा, ''ये सब क्या है। सड़कें परिवहन के लिए होती हैं या ऐसे बंद रखने के लिए।''
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हाईकोर्ट एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का स्वतः संज्ञान लिया था। वह पत्र बाद में दिल्ली हाईकोर्ट को भेज दिया गया था जिससे वह दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में विभिन्न सड़कों पर लगे मानवरहित बेरिकेड्स के खिलाफ कार्रवाई कर सके।
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पीठ ने कहा कि शाम को पीक आवर्स के समय पुलिसकर्मी बैरिकेड्स लगा देते हैं और यातायात को देखे बिना ही किनारे खड़े हो जाते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की भारी समस्या होती है। आप विभिन्न रूट्स को अवरुद्ध करके परिवहन का प्रबंधन करते हैं। किसी को स्वास्थ्य संबंधी एमरजेंसी है, तो उसे सबसे पहले उस रास्ते से गुजरने के लिए आधा घंटा गुजारना होगा और हो सकता है कि बीमार व्यक्ति अस्पताल भी ना पहुंच सके।