{"_id":"69dfbed9d4c09dbaa30e82cc","slug":"high-court-refuses-to-stay-trial-of-delhi-cm-attack-accused-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-132475-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दिल्ली सीएम पर हमले के आरोपियों के मुकदमे पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दिल्ली सीएम पर हमले के आरोपियों के मुकदमे पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर 2025 में हुए हमले के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की एकलपीठ ने कहा कि मुकदमे पर रोक तभी लगाई जाती है जब अदालत को पूरी तरह विश्वास हो कि कुछ गलत हो रहा है या होने वाला है। अदालत राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा रफिउल्लाह शेख की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोनों पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही टालने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति ने कहा कि मोबाइल फोन सभी रहस्यों का भंडार होता है। दोनों आरोपी दिल्ली के नहीं हैं, इसलिए उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच से दोनों के बीच संबंध साफ हो सकेगा। अदालत ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), रोहिणी को दोनों के मोबाइल फोन की जांच तेज करने का निर्देश दिया और चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी। ट्रायल कोर्ट 25 अप्रैल को मामले की सुनवाई करने वाला है। यदि रोक नहीं लगाई गई तो साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर 2025 में हुए हमले के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की एकलपीठ ने कहा कि मुकदमे पर रोक तभी लगाई जाती है जब अदालत को पूरी तरह विश्वास हो कि कुछ गलत हो रहा है या होने वाला है। अदालत राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा रफिउल्लाह शेख की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोनों पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही टालने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति ने कहा कि मोबाइल फोन सभी रहस्यों का भंडार होता है। दोनों आरोपी दिल्ली के नहीं हैं, इसलिए उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच से दोनों के बीच संबंध साफ हो सकेगा। अदालत ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), रोहिणी को दोनों के मोबाइल फोन की जांच तेज करने का निर्देश दिया और चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी। ट्रायल कोर्ट 25 अप्रैल को मामले की सुनवाई करने वाला है। यदि रोक नहीं लगाई गई तो साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।