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Delhi NCR News: कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट की तुरंत बहाली से हाईकोर्ट का इन्कार
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समीक्षा समिति को 7 जुलाई से पहले फैसला लेने का निर्देश, केंद्र और एक्स को नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को तत्काल बहाल (अनब्लॉक) करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, अदालत ने आईटी नियमों के तहत गठित समीक्षा समिति को 7 जुलाई से पहले मामले की जांच कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। अदालत ने समीक्षा समिति को सभी पहलुओं पर विचार कर अपना फैसला रिकॉर्ड पर रखने को कहा है। साथ ही, अभिजीत दीपके को कमेटी के समक्ष वर्चुअल रूप से पेश होने की अनुमति दी गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने दलील दी कि सीजेपी का अकाउंट व्यंग्य आधारित है। यदि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं तो केवल उनको ब्लॉक किया जाना चाहिए, पूरे अकाउंट को नहीं। इस पर न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि यह कानून अभी शुरुआती दौर में है और अदालत जल्दबाजी में कोई अंतरिम आदेश नहीं देगी। सीजेपी की शुरुआत मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की टिप्पणी के बाद हुई थी। 21 मई को इसका मूल एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को तत्काल बहाल (अनब्लॉक) करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, अदालत ने आईटी नियमों के तहत गठित समीक्षा समिति को 7 जुलाई से पहले मामले की जांच कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। अदालत ने समीक्षा समिति को सभी पहलुओं पर विचार कर अपना फैसला रिकॉर्ड पर रखने को कहा है। साथ ही, अभिजीत दीपके को कमेटी के समक्ष वर्चुअल रूप से पेश होने की अनुमति दी गई है।
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याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने दलील दी कि सीजेपी का अकाउंट व्यंग्य आधारित है। यदि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं तो केवल उनको ब्लॉक किया जाना चाहिए, पूरे अकाउंट को नहीं। इस पर न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि यह कानून अभी शुरुआती दौर में है और अदालत जल्दबाजी में कोई अंतरिम आदेश नहीं देगी। सीजेपी की शुरुआत मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की टिप्पणी के बाद हुई थी। 21 मई को इसका मूल एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था।
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