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नकली नोट छापने वालों की सजा हुई कम
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 18 Apr 2014 06:47 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट ने नकली नोट बनाने व उन्हें बाजार मेें चलाने के मामले में निचली अदालत से दोषी ठहराए गए चार युवकों को राहत दी है।
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कोर्ट ने बाबू अल्वी, पंकज कुमार व कमलदीप नरुला को निचली अदालत से मिली चार वर्ष कैद की सजा को घटाकर 14-14 माह कर दिया।
कोर्ट ने इनमें से प्रत्येक पर लगाए गए जुर्माने की राशि (5000 रुपये) को बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया। इसी प्रकार मामले में एक अन्य दोषी गुलशन खान को मिली पांच वर्ष की सजा को घटाकर 20 माह व जुर्माने की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी।
न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर ने अपने फैसले में कहा कि निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए युवकों को सुधरने का मौका प्रदान करना जरूरी है। उन्होंने युवकों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनका अपराध साबित करने में सफल रहा है। बता दें कि 15 जनवरी 2003 को पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर चारों को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर रोहिणी स्थित घर से नकली नोट बनाने की मशीन, 100 रुपये के 128 जाली नोट व अन्य सामान बरामद किया था।
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