दिल्ली एसआईआर: वोटर लिस्ट में 33 लाख गड़बड़ियां, 20 लाख का हुआ समाधान; मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की ये अपील
Delhi SIR News: दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजधानी में एसआईआर के दौरान करीब 33 लाख प्रविष्टियों में गड़बड़ी मिली है। वहीं दूसरी तरफ लगभग 20 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है। साथ ही बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरकर जमा करना होगा।
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दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान करीब 33 लाख प्रविष्टियों में तार्किक विसंगति या मैपिंग नहीं होने के मामले सामने आए हैं। इनमें से करीब 20 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए पात्र मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करने वाले किसी भी पात्र मतदाता को सूची से बाहर नहीं रखा जाएगा।
दिल्ली में लगाए गए विशेष शिविर
निर्वाचन विभाग के अनुसार, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से छूट गए लोगों के पंजीकरण और चुनाव संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 11 अक्तूबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने मतदाताओं की मदद की। छूटे हुए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एसआईआर की पूरी अवधि में ऐसे शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।
नाम जोड़ने के लिए जमा करना होगा फॉर्म-6
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरकर जमा करना होगा। निर्वाचन विभाग के मुताबिक, 31 अगस्त से 30 अक्तूबर तक ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। फॉर्म-6 संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बीएलओ या निर्धारित मतदान केंद्र पर जमा कराया जा सकता है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की लोगों से अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करें। इसके लिए दिल्ली में 14,947 बीएलओ, 902 एईआरओ, 70 ईआरओ और 13 जिला निर्वाचन अधिकारियों के अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय भी उपलब्ध है। वहीं निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करने के साथ सभी पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। ऐसे में जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे निर्धारित समयसीमा के भीतर फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।