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हाईकोर्ट ने दोपहिया वाहन डीलरों को दी राहत, बीमा प्रीमियम को माना जाए प्रमाण
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 May 2017 10:09 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने दोपहिया वाहन डीलरों को दी राहत, बीमा प्रीमियम को माना जाए प्रमाण
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हाइकोर्ट
- फोटो : SELF
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विस्तार
हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि बीएस-3 दोपहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए वाहन की बीमा प्रीमियम के ऑनलाइन भुगतान या बीमा प्रमाणपत्र जारी करने की तिथि को ध्यान में रखे। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने यह निर्देश उन डीलरों को राहत देते हुए दिया, जिन्होंने 31 मार्च से पहले बीएस-3 दोपहिया वाहनों को बेच दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने इन वाहनों की बिक्री व पंजीकरण की समय सीमा 31 मार्च तय की थी। डीलर समय पर पंजीकरण नहीं करवा पाए थे और परिवहन विभाग ने निर्धारित तिथि के बाद दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह आदेश मात्र उन डीलरों पर लागू होगा जो बिक्री कर का ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकते हैं। डीलरों ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उन्होंने निर्धारित समय सीमा से पहले वाहनों की ब्रिकी की है, बावजूद इसके विभाग पंजीकरण के लिए दस्तावेज स्वीकार नहीं कर रहा।
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वर्तमान में करीब एक हजार बीएस-3 दोपहिया व व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण नहीं हुआ है। अदालत ने परिवहन विभाग को कहा कि वे बिक्री के तथ्य की जांच करते हुए यह सुनिश्चित करें कि 31 मार्च, 2017 की तारीख या उससे पहले बीमा प्रीमियम या पॉलिसी जारी करने के ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया गया है या नहीं।
अदालत ने कहा यदि उपयुक्त दो शर्तें पूरी नहीं हुई हैं तो मोटर लाइसेंसिंग अधिकारी बिक्री की तारीख का सत्यापन करेगा। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता डीलरों को 15 मई तक अपने वाहनों को संबंधित अधिकारी के समक्ष निरीक्षण के लिए पेश करना होगा।
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सर्वोच्च न्यायालय ने इन वाहनों की बिक्री व पंजीकरण की समय सीमा 31 मार्च तय की थी। डीलर समय पर पंजीकरण नहीं करवा पाए थे और परिवहन विभाग ने निर्धारित तिथि के बाद दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह आदेश मात्र उन डीलरों पर लागू होगा जो बिक्री कर का ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकते हैं। डीलरों ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उन्होंने निर्धारित समय सीमा से पहले वाहनों की ब्रिकी की है, बावजूद इसके विभाग पंजीकरण के लिए दस्तावेज स्वीकार नहीं कर रहा।
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वर्तमान में करीब एक हजार बीएस-3 दोपहिया व व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण नहीं हुआ है। अदालत ने परिवहन विभाग को कहा कि वे बिक्री के तथ्य की जांच करते हुए यह सुनिश्चित करें कि 31 मार्च, 2017 की तारीख या उससे पहले बीमा प्रीमियम या पॉलिसी जारी करने के ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया गया है या नहीं।
अदालत ने कहा यदि उपयुक्त दो शर्तें पूरी नहीं हुई हैं तो मोटर लाइसेंसिंग अधिकारी बिक्री की तारीख का सत्यापन करेगा। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता डीलरों को 15 मई तक अपने वाहनों को संबंधित अधिकारी के समक्ष निरीक्षण के लिए पेश करना होगा।