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वीरेंद्र देव दीक्षित की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने पूछा अब तक क्यों नहीं मिला बाबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 14 Dec 2018 06:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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रोहिणी के विजय विहार में आश्रम की स्थापना करने वाले फरार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का सुराग न लगने पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने पूछा कि बाबा का अब तक पता क्यों नहीं लगा।
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर सीबीआई को चार फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने जांच एजेंसी से पूछा कि इतने दिनों बाद भी बाबा का पता क्यों नहीं लगा।
इसके अलावा बाबा पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की जांच कहां तक पहुंची है। जांच एजेंसी अगली तारीख पर इस पर रिपोर्ट पेश कर जानकारी दे। जिन लड़कियों ने माफी मांग ली है उन पर तो कार्रवाई की बात एजेंसी कर रही है, लेकिन बाबा के मामले में कुछ नहीं कर रही है।
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उच्च न्यायालय ने रोहिणी जिले के तत्कालीन डीसीपी को नोटिस जारी कर पूछा है कि जिन लड़कियों ने पुलिस व वकीलों को बंधक बनाने के मामले में माफी मांग ली है क्यों न उन पर कानूनी कार्रवाई बंद कर दी जाए। पुलिस इस मामले में आरोपी लड़कियों के खिलाफ केस में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
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हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर सीबीआई को चार फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने जांच एजेंसी से पूछा कि इतने दिनों बाद भी बाबा का पता क्यों नहीं लगा।
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इसके अलावा बाबा पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की जांच कहां तक पहुंची है। जांच एजेंसी अगली तारीख पर इस पर रिपोर्ट पेश कर जानकारी दे। जिन लड़कियों ने माफी मांग ली है उन पर तो कार्रवाई की बात एजेंसी कर रही है, लेकिन बाबा के मामले में कुछ नहीं कर रही है।
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उच्च न्यायालय ने रोहिणी जिले के तत्कालीन डीसीपी को नोटिस जारी कर पूछा है कि जिन लड़कियों ने पुलिस व वकीलों को बंधक बनाने के मामले में माफी मांग ली है क्यों न उन पर कानूनी कार्रवाई बंद कर दी जाए। पुलिस इस मामले में आरोपी लड़कियों के खिलाफ केस में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
क्या है बाबा के खिलाफ मामला
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विजय विहार स्थित आध्यात्मिक आश्रम का निरीक्षण करने का निर्देश दो वकीलों, महिला आयोग व दिल्ली पुलिस को 19 दिसंबर को दिया था।
इसके बाद विजय विहार व अन्य स्थानों से 48 लड़कियों को आध्यात्मिक शिक्षा देने के नाम पर बंधक बना कर रखा गया था। निरीक्षण करने गई टीम को कई घंटे तक प्रवेश नहीं करने दिया गया था और टीम के सदस्यों से मारपीट की गई थी।
इसके बाद विजय विहार व अन्य स्थानों से 48 लड़कियों को आध्यात्मिक शिक्षा देने के नाम पर बंधक बना कर रखा गया था। निरीक्षण करने गई टीम को कई घंटे तक प्रवेश नहीं करने दिया गया था और टीम के सदस्यों से मारपीट की गई थी।