'जनता के हितों से ऊपर नहीं है मंदिर का निर्माण'
धार्मिक समुदायों के हित आम जनता के हितों से ऊपर नहीं हो सकते। यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने एक याचिका का निपटारा करते हुए की है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस आदेश को कायम रखा, जिसमें झारखंड के छतरा में वन भूमि पर जैन मंदिर बनाने की अनुमति वापस ले ली थी।
जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि यह मंदिर एक समुदाय और उसके हितों से जुड़ा है और उसे आम जनता के हितों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
हाईकोर्ट ने क्यों की ऐसी टिप्पणी?
पीठ ने कहा कि ग्रीन हाउस प्रभाव के मद्देनजर वन और पर्यावरण का संरक्षण बेहद जरूरी है। देश के हवा, पानी और लुप्त होते जीव-जंतुओं को बचाना और जंगलों को कटने से रोकना इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
हाईकोर्ट का यह फैसला जैन श्वेतांबर कल्याणक तीर्थ न्यास की याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
न्यास ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के 24 मार्च 2009 के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। सरकार ने यह आदेश जारी कर जैन मंदिर निर्माण संबंधी अनुमति वापस ले ली थी।