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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court declared the ban on transfer of medical students unconstitutional

Delhi NCR News: हाईकोर्ट ने मेडिकल छात्रों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 07:14 PM IST
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कोर्ट ने एनएमसी को स्थानांतरण की अनुमति देने वाली एक स्पष्ट और उचित नीति तैयार करने का दिया निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल छात्रों के एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को निर्देश दिया है कि वह उचित शर्तों के साथ स्थानांतरण की अनुमति देने वाली एक स्पष्ट और उचित नीति तैयार करे।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने 4 फरवरी को फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2023 का रेगुलेशन 18 संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। यह प्रावधान स्पष्ट रूप से अनुचित और मनमाना है। अदालत ने इसे अल्ट्रा वायर्स घोषित कर दिया। यह निर्णय एक 40 प्रतिशत दृष्टिबाधित मेडिकल छात्र की याचिका पर आया, जिसने राजस्थान के बाड़मेर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के किसी कॉलेज में स्थानांतरण की मांग की थी। छात्र ने दावा किया कि बाड़मेर की कठोर जलवायु के कारण उसकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
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अदालत ने कहा- कई परिस्थितियों में स्थानांतरण आवश्यक हो जाता है
अदालत ने एनएमसी को तीन सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के स्थानांतरण अनुरोध पर निर्णय लेने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में एकरूपता और मानकों के नाम पर छात्रों के स्थानांतरण पर पूर्ण रोक लगाना उचित नहीं है। कई परिस्थितियां जैसे स्वास्थ्य, पारिवारिक कारण या विकलांगता ऐसी हो सकती हैं जहां स्थानांतरण आवश्यक हो जाता है। पीठ ने टिप्पणी की कि छात्र को बाड़मेर में दाखिला मजबूरी में लेना पड़ा था, क्योंकि काउंसलिंग के शुरुआती दौर में उसे भाग लेने से वंचित रखा गया था। कोर्ट के हस्तक्षेप से ही वह अंतिम चरण में शामिल हो सका, तब तक ज्यादातर बेहतर विकल्प खत्म हो चुके थे। एनएमसी के मौसम की जानकारी थी वाले तर्क पर अदालत ने कहा कि यह घाव पर नमक छिड़कने जैसा है।
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