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Delhi : हाईकोर्ट ने पूछा- जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट क्यों नहीं गए सीएम केजरीवाल, सीबीआई से भी मांगा जवाब
Sat, 06 Jul 2024 03:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 06 Jul 2024 03:52 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने सीएम से भी पूछा कि ट्रायल कोर्ट में गए बिना सीधे इस कोर्ट का रुख क्यों किया।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने आबकारी नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने सीएम से भी पूछा कि ट्रायल कोर्ट में गए बिना सीधे इस कोर्ट का रुख क्यों किया।
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने सीबीआई को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मामले की सुनवाई करने का अधिकार हाईकोर्ट को है। उन्हीं की ओर से पेश वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए (बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले उसे नोटिस देना) का उल्लंघन किया गया है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि 41ए का उल्लंघन नहीं किया गया है, इसलिए हम कह रहे हैं कि निचली अदालत जाना निरर्थक होगा।
सिंघवी ने कहा कि जमानत देने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45, सीबीआई मामले में लागू नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कानून तय कर दिया है। सीबीआई की ओर से पेश वकील डीपी सिंह ने जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट आने के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में विचार किया जाएगा। इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी।
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न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने सीबीआई को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मामले की सुनवाई करने का अधिकार हाईकोर्ट को है। उन्हीं की ओर से पेश वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए (बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले उसे नोटिस देना) का उल्लंघन किया गया है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि 41ए का उल्लंघन नहीं किया गया है, इसलिए हम कह रहे हैं कि निचली अदालत जाना निरर्थक होगा।
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सिंघवी ने कहा कि जमानत देने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45, सीबीआई मामले में लागू नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कानून तय कर दिया है। सीबीआई की ओर से पेश वकील डीपी सिंह ने जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट आने के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में विचार किया जाएगा। इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी।
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