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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होती है गांजा तस्करी

Sat, 24 Oct 2020 02:46 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी राजीव कुमार, नई दिल्ली
राजीव कुमार, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Sat, 24 Oct 2020 02:46 PM IST
सार

  • रणनीति तैयार कर दबिश देने की तैयारी में जुटी पुलिस

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Hemp smuggling occurs from Naxalite affected areas
गांजा (प्रतिकात्मक) - फोटो : सत्याग्रह

विस्तार

दिल्ली और आसपास के राज्यों में पकड़े गए ज्यादातर मामलों में नक्सल इलाके से गांजे की सप्लाई होने की बात सामने आई है। दिल्ली पुलिस अब इस धंधे से जुड़ी बड़ी मछलियों पर नकेल कसने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस रणनीति तैयार कर उन इलाकों में दबिश देने की तैयारी में जुट गई है।
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दिल्ली पुलिस राजधानी में पहुंचने वाली कई खेप को जब्त कर चुकी है। पकड़े गए ज्यादातर आरोपी कैरियर हैं जिनका इस्तेमाल गांजे को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने के लिए होता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी, सुकामामिदी, विशाखापतनम सहित अन्य इलाकों और उड़ीसा के मलकागिरी, गजपति, बमरकेला और डोंगरीपाली से राजधानी में गांजे की सप्लाई की जा रही है। यह सभी क्षेत्र नक्सल प्रभावित हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नक्सली खुद ही इस धंधे से जुड़ गए हैं।
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नहीं पकड़ी जाती है बड़ी मछलियां
ट्रक चालक राजधानी से सामान लेकर उन इलाकों में जाते हैं, जहां से गांजा सप्लाई होता है। लौटने के दौरान सप्लायर ट्रक चालकों को पैसे का प्रलोभन देकर इस धंधे से जोड़ लेते हैं। ट्रक से गंतव्य तक गांजा का सप्लाई कर देने से ट्रक चालकों को अच्छा खासा पैसा मिल जाता है। इस बीच पकड़े जाने की स्थिति में ट्रक चालक सिर्फ इतना बता पाते हैं कि गांजे की खेप कहां से लाया है। वह उन सप्लायरों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पाते हैं। ऐसे में इस धंधे की बड़ी मछलियां साफ तौर पर बचकर निकल जाते हैं।
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फलों और सब्जी की आड़ में तस्करी
तस्कर अकसर बड़े खेप की तस्करी के लिए बड़े ट्रक और टैंकर का इस्तेेमाल करते हैं। वह ऐसे ट्रक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे राजधानी में फलों और सब्जियों की सप्लाई की जाती है। खेप के दिल्ली पहुंचने के बाद यहां का सप्लायर ट्रक से गांजा लेकर चला जाता है। बीच बीच में तस्कर अपनी रणनीति बदलते रहते हैं। वह ऐसे ट्रक भी तैयार करते हैं जिसमें छोटे छोटे छुपे हुए बॉक्स होते हैं।


गांजे की गंध को कम करने के लिए लहसुन का स्प्रे
गांजे की गंध तेज होती है। जिससे तस्करों को पकड़े जाने का डर रहता है। इसलिए वह गांजे पर लहसुन का स्प्रे कर देते हैं ताकि गांजा का वास्तविक गंध बाहर न आ सके।

मादक द्रव्य को लेकर पुलिस की कार्रवाई
मामला दर्ज 152
गिरफ्तारी 184
गांजा बरामदगी 873.75 किलो

नोट: जनवरी से सितंबर तक आंकड़े।

गांजा को लेकर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
मामला दर्ज 01
गिरफ्तारी 02
गांजा बरामदगी 500 किलो

नोट: जनवरी से 20 अक्तूबर तक के आंकड़े ।

नक्सल इलाके से बरामद गांजा की खेप का ब्यौरा

दिन बरामद गांजा कहां से लाया गया
19 अक्तूबर 181 किलो आंध्र प्रदेश
25 सितंबर 275 किलो आंध प्रदेश
27 अगस्त 293 किलो आंध्र प्रदेश
25 अगस्त 72.5 किलो आंध्र प्रदेश
26 जुलाई 40 किलो उड़ीसा
3 जुलाई 500 किलो आंध्र प्रदेश
12 जनवरी 100 किलो उड़ीसा व पश्चिम बंगाल
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