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क्या आपके यहां 8वीं पास लड़की है? गोत्र कुछ भी हो

Tue, 18 Aug 2015 01:55 PM IST
राजुद्दीन जंग/ अमर उजाला, गुड़गांव
राजुद्दीन जंग/ अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 18 Aug 2015 01:55 PM IST
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Hello! Is there 8th class passed girl?

हैलो, आपके आस-पड़ोस में 8वीं-10वीं पास 21 साल की लड़की है। उसका गोत्र-पाल कुछ भी हो चलेगा। काली-भूरी कैसी भी हो वो भी चलेगी। हमारी मांग कुछ नहीं है अगर कुछ पैसे की जरूरत है तो वो भी हम ही दे देंगे।

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बस पढ़ी लिखी होनी चाहिए। आजकल मेवात में रिश्तेदार और जानकारों के पास ऐसे फोन आ रहे हैं। क्योंकि हरियाणा सरकार ने आगामी पंचायत चुनावों में पंच से लेकर सरपंच, ब्लॉक समिति और जिला पार्षद की महिला उम्मीदवारों के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य कर दिया है।
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इसके बाद से ही मेवात जिले में गांवों में अपनी चौधर कायम रखने के लिए पढ़ी-लिखी 21 साल की बहू की आवश्यकता है। मेवात में नाबालिग लड़कियों की शादियां बहुत होती हैं और 18 पार कर चुकी लड़कियों को विवाह के लिए लड़के मुश्किल सें मिलते हैं।

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घर की बहू हो तो..पढ़ी-लिखी

Hello! Is there 8th class passed girl?

लेकिन अब आठवीं से 10वीं पढ़ी बेटी की जरूरत है जो घर की बहू बने। उसकी उम्र 21 साल से कम न हो जो गांव में सरपंच, ब्लॉक समिति, जिला पार्षद बनकर उनका राजनैतिक ताना-बाना चला सके।

कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि हमें गाड़ी, नकदी, गहने नहीं चाहिए। हमसे ही रुपये ले लीजिए  लड़की को केवल एक सूट में हम ही ले जाऐंगे। बारात की भी कोई आवश्यकता नहीं होगी।

दहगंल चौधरी और अते मोहम्मद दियाला बताते हैं कि सरकार के फैसले से समाज में लड़कियों को सम्मान मिलेगा तथा गरीबों की बेटियां भी बिना दहेज के ब्याही जाऐंगी।

पंचायत में तालीम को तवज्जो

Hello! Is there 8th class passed girl?

सिरौली बाईसी के बड़े चौधरी सोहराब खान ने कहा कि बाल विवाह पर रोक लगने के अलावा तालीम को भी तवज्जो मिलेगी। जागरूक महिला रजिया व सबीला का कहना है कि मेवात में महिला साक्षरता दर 38.6 प्रतिशत है जो अब काफी बढे़गी।

उनकी सेहत भी सुधरेगी। बेहतरान पाल के चौधरी जब्बार ने बताया कि महिलाओं को भी बराबरी का अधिकार है।

खंड़ विकास एवं पंचायत अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि पंचायती राज कानून 1994 की धारा 173 की उपधारा 2 के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की आयु 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार के फैसले से बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

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