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Pollution: दिल्ली के इस इलाके के बाशिंदों को श्वसन-हृदय संबंधी रोगों का खतरा, हवा में मिला भारी धातु प्रदूषण

Tue, 22 Oct 2024 07:27 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 22 Oct 2024 07:27 PM IST
सार

रिपोर्ट में आईआईटी-दिल्ली ने एक अध्ययन किया था। इसमें हवा में भारी धातुओं के खतरनाक स्तर का पता चला था। जिस पर एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और अन्य प्राधिकारियों से जवाब मांगा है।

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Heavy metal pollution in air of East Delhi
Delhi Air Pollution - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पूर्वी दिल्ली की हवा में भारी धातु प्रदूषण से संबंधित मामले में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और अन्य प्राधिकारियों से जवाब मांगा है। अधिकरण ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। रिपोर्ट में आईआईटी-दिल्ली ने एक अध्ययन किया था। इसमें पूर्वी दिल्ली की हवा में सीसा, कैडमियम और निकल जैसी भारी धातुओं के खतरनाक स्तर का पता चला था। जोकि श्वसन और हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

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एनजीटी अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि अध्ययन के अनुसार, सबसे अधिक भारी धातु जोखिम सूचकांक (एचईआई) लुधियाना (21.78) में पाया गया, उसके बाद पूर्वी दिल्ली (21.45) और पंचकूला (10.74) का स्थान रहा। पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह बात उजागर हुई है कि इन प्रदूषकों के प्राथमिक स्रोतों में औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से निकलने वाला धुआं और निर्माण गतिविधियां शामिल हैं।

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पीठ ने कहा कि रिपोर्ट में वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम व पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। ऐसे में अदालत डीपीसीसी, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिवों, पूर्वी दिल्ली और लुधियाना के जिलाधिकारियों और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय को पक्ष या प्रतिवादी बनाती है। एनजीटी ने कहा कि प्रतिवादियों को अगली सुनवाई की तारीख छह फरवरी से कम से कम एक सप्ताह पहले न्यायाधिकरण के सामने हलफनामे के जरिए अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करती है।

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