Delhi Heatwave: दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, मुंगेशपुर में 52.3 डिग्री पहुंचा तापमान; IMD ने जारी किया बयान
Delhi Temperature Today: मौसम विभाग ने पहले ही बुधवार (29 मई) को गर्मी व लू का रेड अलर्ट जारी किया था। मंगलवार यानी कल मुंगेशपुर में 49.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
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दिल्ली में इन दिनों गर्मी रोज नए रिकॉर्ड बना रही है। बुधवार को राजधानी का मुंगेशपुर इलाका सबसे गर्म रहा। यहां 52.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। जबकि मंगलवार यानी कल मुंगेशपुर में 49.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग ने पहले ही बुधवार (29 मई) को गर्मी व लू का रेड अलर्ट जारी किया था।
आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि मुंगेशपुर मौसम केंद्र में उच्चतम तापमान 52.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को नजफगढ़ में 48.6 डिग्री सेल्सियस, जफरपुर में 48 डिग्री, पूसा में 48.3 डिग्री, नरेसा में 47.9 डिग्री और पीतमपुरा में 48.3 डिग्री सेल्सियस तामपान रहा।
हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि मुंगेशपुर केंद्र में मौसम विभाग का सेंसर खराब हो गया था, इस वजह से रीडिंग गलत रिकॉर्ड हुई। दरअसल, बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग का मुंगेशपुर स्टेशन का सेंसर जवाब दे गया। इसकी रीडिंग 52.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गई। देर शाम मौसम विभाग के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति साफ हो सकी। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जैनामणि ने बताया कि मुंगेशपुर में 52.9 डिग्री सेल्सियस तापमान जो दर्ज किया गया था, वह उनके सेंसर में व तकनीकी खराबी देखी गई है। इसके लिए मौसम विभाग जांच कर रहा है।
दिल्ली का 10 साल में 7 डिग्री बढ़ा तापमान
दिल्ली गर्म द्वीपों का शहर बन गई है। बीते एक दशक में राजधानी के तापमान में औसतन सात डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। 2014 की मई में अमूमन 30-33 डिग्री तक गर्म रहने वाली दिल्ली 2024 की मई में 40 डिग्री तक गर्म है। मौसम विभाग अभी राहत की भी कोई खबर नहीं दे रहा है। पूर्वानुमान है कि जून के पहले सप्ताह तक दिल्ली 40 डिग्री से ऊपर की तपिश झेलती रहेगी। इसके बाद ही गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने दिल्ली के मई महीने के तापमान पर शोध किया है। इससे पता चलता है कि मई 2014 में दिल्ली का औसत तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के बीच था। कुछ ही इलाके ऐसे थे, जहां का तापमान 33.1-34 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें भी ज्यादातर इलाके उत्तरी व दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के बाहरी इलाके थे। इसके उलट 2022 में दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है। पूर्वी व मध्य दिल्ली के चंद इलाके ही 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहे।
सेटेलाइट डाटा के आधार पर की गई मैपिंग से पता चलता है कि दिल्ली के औसत तापमान में बढ़ोतरी की शुरुआत 1998 से हो रही है। लेकिन, 2014 के बाद से इसमें तेजी से इजाफा हुआ है। एक दशक के तापमान में सात डिग्री का फर्क आ गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्म द्वीप स्थानीय मौसम पर सीधा असर डाल रहे हैं। गर्म इलाकों में अपेक्षाकृत बारिश कम होती है, जबकि हरे-भरे इलाकों में ज्यादा। इसकी वजह यह है कि हरे क्षेत्र हवा की नमी खींच लेते हैं। जबकि कंक्रीट वाले इलाकों की हवा पूरी तरह शुष्क रहती है। इस बार दिल्ली में इसी तरह की बारिश हुई।
दिन में ग्रामीण क्षेत्र गर्म
नजफगढ़, मुंगेशपुर, जाफरपुर सरीखे बाहरी दिल्ली के इलाकों में ज्यादा तापमान रिकॉर्ड हो रहा है। वह इसलिए कि इस वक्त फसलें कट गई हैं। तुलनात्मक रूप से हरियाली नहीं रहती। सघन आबादी वाले यह इलाके पथरीले भी हैं। इसके मिले-जुले असर से यहां का तापमान बाकी दिल्ली से ज्यादा है।
बड़ी वजहें
. इसकी बड़ी वजह निर्माण स्थलों में बढ़ोतरी है। 2003 में दिल्ली का 31.4 फीसदी क्षेत्र निर्मित था। 2022 में यह 38.2 फीसदी पहुंच गया। इससे बचने के लिए हरियाली बढ़ानी पड़ेगी। इसमें वही पौधे लगाए जाएं, जो दिल्ली की आबोहवा के हिसाब से हों। खेतिहर इलाकों में ज्यादा समय पर हरी-भरी हरने वाली फसलों को लगाया जाए।
. घनी बसावट, वाहनों की संख्या ज्यादा।
. आवासीय व व्यावसायिक परिसरों की संख्या बढ़ने से बढ़ा तापमान।
. प्रदूषक की मात्रा बढ़ने के साथ जमीन के नजदीक ओजोन का स्तर भी बढ़ा। दोनों ने मिलकर बढ़ाई गर्मी।
शहरी गर्म द्वीप
शहरों के बीच बसे ऐसे इलाके, जहां का औसत सालाना तापमान अपने आसपास के क्षेत्रों से ज्यादा दर्ज होता है उन्हें गर्म द्वीप माना जाता है। शोध के मुताबिक दिल्ली में संगम विहार, बदरपुर, जैतपुर, आईजीआई एयरपोर्ट, नजफगढ़, छतरपुर, मुंडका, जाफरपुर, मुंगेशपुर, नरेला, शाहदरा सरीखे इलाके इसी श्रेणी में आते हैं।
इस तरह बढ़े गर्म द्वीप
2014: उत्तरी दिल्ली का बवाना।
2016: नजफगढ़, रोहिणी, राजौरी गार्डन, नरेला समेत दूसरे इलाके।
2018: संगम विहार, बदरपुर, जैतपुर, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट।
2022: जाफरपुर, छतरपुर, मुंगेशपुर, मुंडका, शाहदरा।
2024: लोधी रोड, रिज, पूसा, राजघाट।
बढ़ते तापमान का असर
.पानी की गुणवत्ता होती है प्रभावित।
.ऊर्जा की मांग में इजाफा, एसी, फ्रिज ज्यादा चलने से बढ़ता है वायु प्रदूषण।
.बच्चों और बुजुर्गों में दिल व सांस से जुड़ी बीमारियों की बढ़ जाती है आशंका।
.सुबह और शाम का तापमान होता है ज्यादा।
विशेषज्ञ की राय:
बढ़ती गर्मी से दिन व रात और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के तापमान में देखा जा सकता है। बीते एक दशक में रातों की गर्मी नौ फीसदी से बढ़ी है। वहीं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के तापमान में 3.8 फीसदी का फर्क है। रात को ग्रामीण इलाके 12.2 डिग्री ही ठंडे हो जाते हैं। जबकि शहर का केंद्र केवल 8.5 डिग्री ठंडा होता है। -शरणजीत कौर, कार्यक्रम अधिकारी, सीएसई
गर्म द्वीप का सबसे अधिक असर रात के तापमान में देखा जाता है। अगर रात भर तापमान अधिक रहता है तो लोगों को दिन की गर्मी से उबरने का मौका कम मिलता है। इसका सबसे बड़ा कारण जमीन को इस्तेमाल करने का तरीका बदल रहा है। अधिक से अधिक कंक्रीट का जाल बिछाया जा रहा है। इससे सूर्य की किरणों को अधिक फैलाव नहीं मिलता है, जिससे उस क्षेत्र में अधिक गर्मी होती है। यही नहीं, तेजी से जलाशय कम या खत्म हो रहे हैं। ऐसे में गर्म द्वीप बढ़ रहे हैं। गर्मी और उमस से लोग पहले से अधिक परेशान हो रहे हैं। -प्रसून सिंह, फेलो, टीईआरआई