अपने दिल की सुनें: मोटापा-तनाव से हृदयाघात संभव, स्वस्थ भोजन और एक्सरसाइज जरूरी, इस उम्र के बाद खतरा ज्यादा
दिल की बीमारी से जुड़े लक्षण दिखे तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आशंका जताई जा रही है कि फिल्म निर्माता व निर्देशक सतीश कौशिक के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा।
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तनाव और मोटापा दिल के दौरे को न्योता दे सकता है। ऐसे में दिल की बीमारी से जुड़े लक्षण दिखे तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आशंका जताई जा रही है कि फिल्म निर्माता व निर्देशक सतीश कौशिक के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि उनका मोटापा, उम्र और पुरुष होना दिल के रोग की आशंकाओं को मजबूत करता है। हालांकि, जांच रिपोर्ट को देखे बिना कुछ भी कह पाना सही नहीं होगा।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि सतीश कौशिक की उम्र ज्यादा थी। इसके अलावा मोटापा और पुरुष होना उन्हें दिल के रोगी होने की आशंकाओं को मजबूत करता है। इसके अलावा उनके वजन को देखकर लगता है कि वह एक्सरसाइज भी कम करते होंगे जो समस्या को और बढ़ता है। डॉ. तरुण ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट को माने तो लगता है कि उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।
कुछ माह पहले अभिनेता अनु कपूर को भी दिल का दौरा आया था और उन्हें आरएमएल अस्पताल में लाया गया था। उस समय उन्हें मेरी देखरेख में उपचार मिला और आगे के उपचार के लिए निजी अस्पताल में भेजा गया। मुझे लगता है कि अगर सतीश कौशिक को भी समय पर ले जाते तो उन्हें बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि जो लोग मोटे हैं, उम्र ज्यादा है, एक्सरसाइज कम करते हैं, खान-पान सही नहीं हैं उन्हें दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा है।
वहीं प्राइम अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास चोपड़ा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट में परिजनों का दावा है कि सतीश कौशिक अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी संवेदनशील थे। वह नियमित एक्साइज करते थे, लेकिन लगता है कि उन्होंने दिल के रोग से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज किया। मेडिकल हिस्ट्री में ऐसे कई उदाहरण दिखते हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि सतीश कौशिक को पहले भी कई लक्षण दिखे हों। उन्होंने कहा कि एक उम्र के बाद हर व्यक्ति को अपने दिल की जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा छोटी-छोटी बात का ध्यान रखकर, नियमित सामान्य जांच से भी दिल के रोगों से बचा जा सकता है।
इस उम्र के बाद ज्यादा संभावना
पुरुष: 45 वर्ष से ज्यादा, महिला 55 वर्ष से अधिक
मुख्य कारण
आनुवंशिकी, उच्च रक्तचाप, मोटापा, नशा, मानसिक तनाव, दिल में ऑक्सीजन की कमी के अलावा उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर, शरीर की निष्क्रियता, डायबिटीज