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इंस्पेक्टर ने कारोबारी से वसूले थे 27 लाख!
धीरज बेनीवाल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Jan 2014 02:15 PM IST
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नई दिल्ली के तीस हजारी स्थित भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विशेष अदालत ने एक मामले में दिल्ली पुलिस के निलंबित इंस्पेक्टर केजी त्यागी, एसआई मुकेश सिंह, एसआई राजबीर सिंह व अधिवक्ता रविंद्र चड्ढा के खिलाफ चल रही सुनवाई को सात मार्च तक स्थगित कर दिया है।
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मामला हौजकाजी इलाके में कारोबारी गोपाल कृष्ण अग्रवाल को कैद रखने और उसे छोड़ने के एवज में कुल 27 लाख रुपये वसूलने से जुड़ा है।
विशेष न्यायाधीश नरोत्तम कौशल ने आरोपी के अधिवक्ता रविंद्र चड्ढा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के 16 दिसंबर 2013 के आदेश के मद्देनजर सुनवाई को स्थगित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने रविंद्र के खिलाफ जिला अदालत में चल रही सुनवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी।
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जिला अदालत ने रविंद्र के साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने कहा कि इस मामले में सभी गवाह वही हैं, इसलिए एक आरोपी के खिलाफ सुनवाई को अलग नहीं किया जा सकता।
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बता दें कि सीता राम बाजार निवासी अभिनव अग्रवाल ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को बताया था कि उसके पिता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने इलाके के बीसी विजय सिंह यादव द्वारा हत्या किए जाने की सूचना पुलिस को दी थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केजी त्यागी ने इस संबंध में गोपाल को पूछताछ के लिए बुलाया और छह दिसंबर 2007 को उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्हें छोड़ने के लिए इंस्पेक्टर ने आठ लाख रुपये ले लिए, लेकिन गोपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
2008 में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केजी त्यागी, एसआई मुकेश कुमार, एसआई राजवीर सिंह व अधिवक्ता रविंद्र चड्ढा के खिलाफ भ्रष्टाचार व रंगदारी का मामला दर्ज कर लिया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने अगस्त 2012 में पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा चलाने की अनुमति को गैरकानूनी करार देते हुए उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया। साथ ही रंगदारी के आरोप तय किए थे। अदालत ने अभियोजन को नए सिरे अनुमति लेने की छूट दी थी। साथ ही आरोपी रविंद्र को राहत नहीं दी थी।