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2400 आवंटियों के घर के सपने पर फैसला आज
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Fri, 17 Oct 2014 07:13 AM IST
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ग्रेटर नोएडा के मकौड़ा गांव की जमीन पर प्राधिकरण द्वारा बनाए गए ईटा और जीटा सेक्टर के 2400 आवंटियों के घर के सपने का शुक्रवार को फैसला होना है। इस प्रकरण में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और देखना यह है कि किसानों के पक्ष में फैसला आएगा या फिर आवंटियों को राहत मिलेगी।
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दरअसल, हाईकोर्ट ने मकौड़ा गांव की जमीन का अधिग्रहण निरस्त किया था और उसी के चलते प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि केवल एक ही किसान ने जमीन वापस मांगी थी जबकि उक्त जमीन पर फ्लैट और अन्य निर्माण किए जा चुके हैं। अब फिर से पुनर्विचार याचिका दायर की है। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई है।
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दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साल 2006 में मकौड़ा गांव का अधिग्रहण किया था। अधिग्रहण के दौरान प्राधिकरण ने बिना किसानों की सुनवाई किए जमीन अधिग्रहण कर ली थी। किसानों का आरोप है कि कुछ किसानों की खेत की जमीन को भी छोड़ दिया गया और कुछ किसानों की पुश्तैनी आबादी को भी अधिग्रहण कर लिया था।
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सौतेले व्यवहार के खिलाफ किसान राधेश्याम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उनकी जमीन को अर्जेंसी क्लॉज लगाकर ले लिया गया था। जबकि प्राधिकरण को ऐसी जरूरत नहीं थी। हाईकोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए साल 2010 में मकौड़ा की जमीन का अधिग्रहण रद्द कर दिया।
ग्रेनो प्राधिकरण ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट का फैसला उचित ठहराया। इस फैसले के खिलाफ प्राधिकरण ने पुनर्विचार याचिका दायर की। जिसकी सुनवाई शुक्रवार को होनी है। प्राधिकरण की ओर से तर्क दिया गया है कि उक्त जमीन पर 2000 फ्लैट व 400 प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं।
फ्लैटों का निर्माण भी काफी हद तक हो चुका है। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि एक किसान ने अपनी जमीन वापस मांगी थी। उस किसान के पास छह हजार वर्ग मीटर जमीन थी। समस्त गांव का अधिग्रहण रद्द किए जाने से 2400 आवंटियों का नुकसान हो रहा है। फैसला किसके हक में सुनाया जाएगा सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को यह तय करेगा।