IPL को बंद करने की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई बंद
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हाईकोर्ट ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई बंद कर दी।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता एनजीओ के उस तर्क को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह आईपीएल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकार से लेकर अपने नियंत्रण में ले ले।
अदालत ने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग व अनियमितताओं के संबंध में दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई कर रहा है।
एक मामले पर दो अदालतों में सुनवाई नहीं
अदालत ने कहा कि एक ही मुद्दे पर दो अदालत में सुनवाई नहीं हो सकती। सर्वोच्च न्यायालय ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया हुआ है। ऐसे में वे याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते।
याची एनजीओ ने बीसीसीआई को गैरकानूनी अनधिकृत घोषित करने की मांग करते हुए तर्क रखा था कि बीसीसीआई आईपीएल क्रिकेट भ्रष्टाचार व स्पॉट फिक्सिंग को रोकने में असफल रहा है।
उन्होंने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग में चार क्रिकेट खिलाड़ियों सहित 18 के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। हवाला के जरिए पैसे का लेनदेन हुआ है और कराची व दुबई से आईपीएल को ऑपरेट की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि इससे खेल की प्रतिष्ठा खराब हुई है और भ्रष्टाचार के लिप्त खिलाड़ियों व बुकी ने आम लोगों से धोखाधड़ी हुई है।