{"_id":"5e25016b8ebc3e4b0a7f3a01","slug":"hearing-of-jnu-students-union-in-high-court-against-new-hostel-manual","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए हॉस्टल मैनुअल के खिलाफ जेएनयू छात्रसंघ आज जाएगा हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए हॉस्टल मैनुअल के खिलाफ जेएनयू छात्रसंघ आज जाएगा हाईकोर्ट
Mon, 20 Jan 2020 06:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 20 Jan 2020 06:54 AM IST
विज्ञापन
delhi high court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेएनयू छात्रसंघ नए हॉस्टल मैनुअल को रद्द कराने के लिए सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। हाईकोर्ट से पुरानी दरों पर पंजीकरण कराने की मांग की जाएगी। जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि वह सेमेस्टर पंजीकरण, परीक्षाओं और कक्षाओं सहित सभी अकादमिक गतिविधियों के बहिष्कार को जारी रखने के लिए भी कहेगा।
इस संबंध में छात्रसंघ की ओर से एक रिलीज जारी कर कहा गया है कि सोमवार को मामला कोर्ट में ले जाया जाएगा। छात्रसंघ का कहना है कि कोई भी शैक्षिक कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों से चर्चा के बाद ही लाया जाए। छात्रसंघ ने प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी शेड्यूल को खारिज किया है।
छात्रसंघ का दावा है इस समय परीक्षा और कक्षाएं लेने से अराजकता और हंगामा ही होगा। उसने प्रशासन से मांग की है कि फीस बढ़ोतरी के खिलाफ संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों पर से सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को भी पूरी तरह खत्म किया जाए। छात्रसंघ की दलील है कि नया आईएचए मैनुअल जेएनयू एक्ट 1966 के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस संबंध में छात्रसंघ की ओर से एक रिलीज जारी कर कहा गया है कि सोमवार को मामला कोर्ट में ले जाया जाएगा। छात्रसंघ का कहना है कि कोई भी शैक्षिक कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों से चर्चा के बाद ही लाया जाए। छात्रसंघ ने प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी शेड्यूल को खारिज किया है।
विज्ञापन
छात्रसंघ का दावा है इस समय परीक्षा और कक्षाएं लेने से अराजकता और हंगामा ही होगा। उसने प्रशासन से मांग की है कि फीस बढ़ोतरी के खिलाफ संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों पर से सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को भी पूरी तरह खत्म किया जाए। छात्रसंघ की दलील है कि नया आईएचए मैनुअल जेएनयू एक्ट 1966 के खिलाफ है।
विज्ञापन