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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Hearing in the Supreme Court against President's rule in Delhi

राष्ट्रपति शासन पर 10 दिनों के भीतर जवाब दे केंद्र: SC

Mon, 24 Feb 2014 04:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Feb 2014 04:39 PM IST
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Hearing in the Supreme Court against President's rule in Delhi

दिल्ली में राष्ट्रपति शासन के खिलाफ आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 10 दिनो के भीतर प्रतिक्रिया मांगी है।

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आप सरकार की ओर से दाखिल की गई विधान सभा भंग करने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजते हुए उससे जवाबदेही मांगी है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए तारीख भी तय कर दी।
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अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। आप ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी दाखिल कर विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी।
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इस पर सोमवार को प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई की। साथ ही सुनवाई के लिए अगली तारीख 7 मार्च तय की।

इससे पहले आम आदमी पार्टी के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली में किसी वैकल्पिक सरकार की संभावना नहीं है और उपराज्यपाल को विधानसभा भंग कर देना चाहिए।

पढ़ें: राष्ट्रपति शासन के खिलाफ कोर्ट जाएगी AAP


आम आदमी पार्टी दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगने के खिलाफ पिछले सप्ताह कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पार्टी का मानना है कि केंद्र द्वारा दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाना गलत है। अरविंद केजरीवाल की ओर से कहा गया है कि एक बहुमत वाली सरकार के निर्णय को उप राज्यपाल मानने के लिए बाध्य हैं।

केजरीवाल का कहना है कि कोई भी सरकार बहुमत में है या नहीं इसका फैसला विधानसभा में विश्वास मत द्वारा होता है या फिर वित्त विधेयक पास कराकर। हमारी सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत भी जीता है और वित्त विधेयक को भी पास करवा लिया था। फिर दिल्ली सरकार की सिफारिश को उप राज्यपाल ने किस नियम के तहत नहीं माना।

केजरीवाल का मानान है कि संविधान के मुताबिक एक बहुमत वाली सरकार की हर सिफारिश को मानने के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल बाध्य हैं।

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